Sheopur News: मध्यप्रदेश के श्योपुर मे 3 माह पहले बदमाशों के चंगुल से मुक्त होकर गंभीर हालत में घर लौटे पशु चरवाहे रामवरूप यादव की सोमवार को उपचार के दौरान ग्वालियर के अस्पताल में मौत हो गई. मौत से आक्रोशित परिजनो और ग्रामीणो का बड़ी संख्या में जिले के विजयपुर थाने पर जमावड़ा लग गया. उपद्रव की आशंका के मद्देनजर विजयपुर में 5 थानों का पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है. ताकि उपद्रव जैसी स्थिति बने तो पुलिस उसे नियंत्रित कर सके. थाने पर पहुंचे लोगो की मांग है कि बदमाशो के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाये और 4 लोगो को शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं. बाद में देर रात पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हो सका.
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दरअसल, 14-15 जनवरी को 6 हथियार बंद बदमाश विजयपुर क्षेत्र के धनकर जंगल की ख़िरकाई से तीन चरवाहों का अपहरण करके ले गए थे. बदमाशों ने करीब 6 से 7 दिनों तक तीनों चरवाहों को मध्य प्रदेश से राजस्थान तक खूब भगाया. इसके बाद चरवाहे स्वयं बदमाशों के चंगुल से छूटकर विजयपुर पहुंच गए. इनमें से भूरा पुरा गांव निवासी रामस्वरूप यादव गंभीर हालत में विजयपुर पहुंचे थे. एएसपी सत्येंद्र सिंह तौमर का कहना है, कि चरवाहे रामस्वरूप यादव की इलाज़ के दौरान मौत हो गई है, मामले में ग्वालियर से मर्ग डायरी मंगवाई गई है, उचित कार्रवाई की जाएगी.
चरवाहे की मौत के थाने में ग्रामीणों की भीड़
इस दौरान दावा किया गया कि बदमाशों ने रामस्वरूप यादव के पैरों की उंगलियों के नाखूनों को आग से जला दिया था. हालांकि, पुलिस ने इस तरह की घटना से इनकार किया था. रामस्वरूप यादव की हालत नाजुक बनी हुई थी, जिसकी ग्वालियर के अस्पताल में उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई. रामस्वरूप की मौत की खबर सुनकर विजयपुर में भूरा पुरा गांव के ग्रामीण जमा हो गए हैं, पुलिस भी अलर्ट हो गई है.
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पुलिस को बुलानी पड़ी 5 थानों से फोर्स
करीब 5 थानों का पुलिस बल विजयपुर में जमा हो गया. जनप्रतिनिधि और पुलिस ग्रामीणों से बात करके उन्हें समझाइश देने में जुटे रहे. इसी बीच देर रात जब रामस्वरूप यादव का शव विजयपुर पहुंचा तो, गरमा गर्मी बढ़ गई लेकिन भारी पुलिस फोर्स की तैनाती और अफसरो की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और मृतक के परिजन शव लेकर गांव लौट गए.
परिजन बोले हथियार का लाइसेंस दिया जाए
मृतक के परिजनों का कहना है कि बदमाशो की गिरफ्त से रिहा होकर आए रामस्वरूप को पहले इलाज़ के लिए जयपुर ले जाया गया फिर ग्वालियर पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई है, बदमाशो के खिलाफ दफा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए और परिवार के चार सदस्यों को हथियार के लाइसेंस दिए जाए.
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