MP Election 2023: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आचार संहिता लगने से पहले चुनावी बिगुल बज चुका है. भाजपा और कांग्रेस के बाद अब समाजवादी पार्टी (Samajwadi party) भी एमपी में चुनावी शंखनाद करने जा रही है. उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मध्य प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं. अखिलेश यादव एमपी के खजुराहो से चुनावी अभियान (Election Campaign) की शुरुआत कर रहे हैं.
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इंडिया गठबंधन के दावों के विपरीत मध्य प्रदेश चुनाव में गठबंधन की सभी पार्टियां हाथ आजमाती दिख रही हैं. इसमें समाजवादी पार्टी पीछे नहीं रहना चाहती है. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेता भी अब मध्य प्रदेश में डेरा डालने की तैयारी कर रहे हैं.
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अखिलेश यादव का मिशन MP
मध्य प्रदेश में समाजवादी पार्टी पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी में है. समाजवादी पार्टी पहले ही 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके चुनाव प्रचार में उतर रहे हैं. अखिलेश यादव मध्य प्रदेश में 2 दिनों की यात्रा पर आ रहे हैं. समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो आज खजुराहो पहुंचेंगे, जहां से वे रीवा जाएंगे. रीवा के सिरमौर में अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, प्रदेश के सभी पदाधिकारी जिला अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे और साथ ही एक जनसभा को संबोधित करेंगे.
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इंडिया पर दवाब बनाना चाहती है सपा?
चर्चा यह है कि अखिलेश उत्तर प्रदेश को लेकर इंडिया गठबंधन पर अपना दबाव बनाए रखना चाहते हैं, यही वजह है कि मध्य प्रदेश में अभी तक कांग्रेस के साथ तालमेल को लेकर कोई बात शुरू नहीं हुई है या यूं कहें अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन के पहले दूसरे राज्यों में सीटों को लेकर कांग्रेस की दरियादिली भी देखना चाहते हैं.
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MP में समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी कभी मध्य प्रदेश में मजबूत थी और एक बार विधानसभा की 7 सीटें जीत चुकी है, और अखिलेश यादव राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिए बेचैन हैं, इसलिए वह कई राज्यों में चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन फिलहाल कांग्रेस पार्टी से सीटों को लेकर कोई बातचीत खुले तौर पर सामने नहीं आई है. माना जा रहा है की मध्य प्रदेश का चुनावी अभियान कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश है, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी लगातार समाजवादी पार्टी पर हमलावर है.
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