गजब MP: मृत किसान के नाम पर निकाल लिया था कर्ज, अब बेटों से वसूली की तैयारी

Chhindwara news: एमपी अजब और सबसे गजब है. यहां जीते जी किसानाें को कर्ज नही मिलता लेकिन मरे किसान के नाम पर बैंक वालों कर्ज निकाल दिया गया. छिन्दवाड़ा में मृत व्यक्ति के नाम पर बैंक ने 2 लाख 75 हजार रुपये का लोन पास कर दिया. अब रिकवरी के लिए मृतक बेटों के पास […]

Amazing MP: Loan was taken in the name of dead farmer, now preparing for recovery from sons
Amazing MP: Loan was taken in the name of dead farmer, now preparing for recovery from sons

पवन शर्मा

• 10:20 AM • 29 Mar 2023

follow google news

Chhindwara news: एमपी अजब और सबसे गजब है. यहां जीते जी किसानाें को कर्ज नही मिलता लेकिन मरे किसान के नाम पर बैंक वालों कर्ज निकाल दिया गया. छिन्दवाड़ा में मृत व्यक्ति के नाम पर बैंक ने 2 लाख 75 हजार रुपये का लोन पास कर दिया. अब रिकवरी के लिए मृतक बेटों के पास नोटिस भेजा जा रहा है. फर्जी लोन मामला देख मृतक के बेटे मंगलवार को कलेक्ट्रेड जन सुनवाई में पहुचे कलेक्टर को ज्ञापन सोपा ओर जांच कर कार्यवाही की मांग की है.

Read more!

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला छिंदवाड़ा जिले के चौरई विकास खण्ड के रामगढ़ पंचायत का है. रामगढ़ निवासी शंभू दयाल वर्मा राम दयाल वर्मा और प्रहलाद वर्मा के पिता अजय लाल वर्मा की मृत्यु 15 मई 2006 को हो गई थी. जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी ग्राम पंचायत द्वारा जारी किया गया था. सालों पहले किसान की मौत के बाद भी उसके नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है.

मौत के तीन साल बाद बैंक ने कर दिया लोन पास
मृतक किसान अजयलाल वर्मा के बेटों ने बताया कि हमें पिछले दिनों स्टैट बैक द्वारा नोटिस दिया गया था. नोटिस में 2009 को भारतीय स्टेट बैंक कृषि शाखा द्वारा लोन ₹275000 स्वीकृति के बारे में बताया जा रहा है. जबकि लोन स्वीकृत से 3 साल पहले ही पिता की मृत्यु हो चुकी है ओर हमने लोन लिया ही नही है. शम्भू दयाल वर्मा का कहना है, हमने कभी लोन लिया नही है. हमारे पिताजी 2006 में शांत हो गए है. जबकि बैंक के कागजों 2009 में लोन पास किया गया है. हमें कुछ समझ ही नही आ रहा कि पिता की मौत के तीन साल बाद कैसे लोन पास हो सकता है.

कर्ज माफी की लिस्ट में भी आया था नाम
मृतक किसान के बेटो ने बताया कि 2018  में जब कांग्रेस की सरकार आई थी. उस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूरे प्रदेश में कर्ज माफी की थी. उसी लिस्ट में मेरा नाम आया था. लेकिन तब भी हमने कर्ज माफी लेने से मना कर दिया था. क्योंकि हमने कभी लोन लिया ही नही है. हमारे पूरे खानदान में किसी ने कभी लोन नही लिया है. फिर भी बैंक वालों ने कैसे लोन पास कर दिया भगवान जाने. बैंक के नोटिस से परेशान होकर मैंने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सोंपते हुए इस मामले में जांच की मांग की है.

ये भी पढ़ें: अतीक को उम्रकैद: प्रयागराज से रवाना हुआ काफिला पर MP में घुसते ही क्यों डरा माफिया डॉन?

    follow google news