Archana Tiwari Mistry Girl MP: मध्य प्रदेश की चर्चित 'मिस्टी गर्ल' अर्चना तिवारी केस में इंदौर हाईकोर्ट की पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. 28 वर्षीय वकील अर्चना तिवारी को अब उनके पति सारांश के साथ रहने की अनुमति मिल गई है. कोर्ट ने न सिर्फ दोनों के विवाह को मान्यता दी है, बल्कि परिजनों के विरोध को देखते हुए पुलिस को दंपत्ति को सुरक्षा मुहैया कराने और संबंधित थाना प्रभारी को अपना पर्सनल नंबर साझा करने के भी निर्देश दिए हैं.
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शादी के दबाव से बचने के लिए रची थी गुमशुदगी की साजिश
सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी पर घरवाले एक पटवारी से शादी करने का दबाव बना रहे थे. अर्चना को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. रक्षाबंधन के मौके पर 7 अगस्त 2025 को नर्मदा एक्सप्रेस से कटनी जाते वक्त वह अचानक भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थीं. कानून की जानकार होने के नाते अर्चना ने खुद ही अपने गायब होने की ऐसी पटकथा लिखी जिससे पुलिस भी चकरा गई.
नेपाल तक भागा था जोड़ा, पुलिस ने ऐसे जवानों ने खोजा
जांच में सामने आया कि इटारसी स्टेशन पर ट्रेन छोड़कर अर्चना कार में बैठ गई थी और पहचान छुपाने के लिए कार की सीट के नीचे लेट गई थी. मोबाइल और कपड़े जंगलों में फेंक दिए गए थे ताकि सबको लगे कि वह किसी बड़े हादसे का शिकार हो गई है. सुजालपुर, बुरहानपुर, हैदराबाद, जोधपुर और दिल्ली होते हुए दोनों सीधे नेपाल जा पहुंचे, जहां उनके दोस्त ने उन्हें पनाह दी. पुलिस ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की मदद से आखिरकार सारांश को दबोचा. इसके बाद पुलिस टीम नेपाल पहुंचकर अर्चना को वापस लेकर आई.
हाईकोर्ट ने लगाई फैसले पर मुहर
सारांश ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी. 5 अगस्त 2026 को कोर्ट में पेश होने पर 28 वर्षीय अर्चना ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से सारांश के साथ विवाह किया है और वह उन्हीं के साथ रहना चाहती हैं. कोर्ट ने दोनों की सहमति के आधार पर उनके पक्ष में फैसला सुनाया और राज्य सरकार को उन्हें कड़ी सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया.
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