सोशल मीडिया पर हाल के दिनों में एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक दफ्तर का केबिन, केबिन में नीले सूट पर ढोंगी अशोक खरात पर महिलाएं अलग-अलग. अभी तक 58 महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो सामने आ चुके हैं. वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रूपाली चाकणकर भी विवादों में आ गई और उन्होंने चौतरफा दबाव के बीच राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से यह कहकर इस्तीफा दिया कि वे निजी कारणों से पद छोड़ रही हैं.
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अशोक खरात के विवादों की चर्चा के बीच मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक ढोंगी बाबा की चर्चा भी शुरू हो गई है. ये बाबा फिलहाल जेल में हैं, लेकिन ये भी खरात से कम नहीं हैं. बात साल 2006 की है जब इनके कांड का खुलासा हुआ तो पूरा शहर हिल गया. लोगों की आस्था पर ऐसी चोट लगी कि वे आजतक इस घाव को भूल नहीं पाए हैं. ढोंगी बाबा ने ना केवल लोगों की आस्था से खेलने का काम किया बल्कि विश्वास के दीए तले अपने कुकर्मों का ऐसा गंदा खेल खेला जिसे देख लोगों का खून खौल उठा.
विकासानंद की काली कहानी!
जबलपुर के पास एक आलीशान आश्रम जिसका प्रमुख स्वामी विकासानंद....बाहर से एक साधु, एक गुरु, एक समाधान देने वाला बाबा...लेकिन अंदर से ऐसा काला कि कोयला भी रस्क करें. साल था 2006...स्वामी विकासानंद, जिसका असली नाम विकास जोशी बताया जाता था, उसने जबलपुर के पास ही अपना आलीशान फाइव स्टार आश्रम बना रखा था. कहने को तो ये आश्रम आस्थावान और परेशान लोगों के लिए संजीवनी था पर दीवारों के पीछे बाबा का एक ऐसा घिनौना चेहरा था जो शायद किसी ने देखा नहीं था.
वीडियो वायरल हुआ तो उड़ा होश
अचानक सोशल मीडिया पर बाबा का वीडियो आ गया. वीडियो में देखा गया कि बाबा लड़कियों को नशीला प्रसाद खिलाकर उन्हें नशे में करने के बाद उनके साथ डांस कर रहा है. दूसरी तरफ झूला झूल रही लड़की को अपनी गोद में बैठने पर मजबूर करता है. वीडियो में लड़कियों के साथ बाबा के और आपत्तिजनक दृश्य जब बाहर आए तो लोगों का खून खौल उठा. फिर बाहर आ गया 5 स्टार आश्रम और बाबा का असली चेहरा.
आश्रम में स्वीमिंग पूल से लेकर वो सारी सुविधाएं मौजूद थी जिन्हें हम लग्जरी कहते हैं. बाबा ने अपनी अय्याशी का सारा साजों-सामान जुटा रखा था. उसके प्रति लड़कियों और महिलाओं में खूब आस्था थी. ढोंगी बाबा इसी का फायदा उठाकर उन्हें प्रसाद के नाम पर नशीला पदार्थ देता था. फिर आश्रम के कमरे में आपत्तिजनक हरकतें करता था. ढोंगी बाबा महिलाओं और लड़कियों की परेशानी का इलाज चमत्कार के जरिए करने का भरोसा देता था.
पुलिस ने पकड़ा तो असली चेहरा सामने आया
इधर बाबा के खिलाफ बातें सामने आने लगीं तो पुलिस हरकत में आई. आश्रम पर छापा पड़ा. फिर जो सच्चाई सामने आई उसने पांवों तले जमीन खिसका दी. आरोप था कि स्वामी विकासानंद लड़कियों का यौन शोषण करता था. इतना ही नहीं आश्रम से अश्लील वीडियो और सीडी बरामद हुईं. वीडियो सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं थे बल्कि एक हथियार थे डराने और चुप कराने के लिए. इन वीडियो के जरिए ढोंगी बार-बार ब्लैकमेल करके यौन शोषण करता था.
जांच आगे बढ़ी तो कई पीड़िताएं सामने आईं. बयान दर्ज हुए. धीरे-धीरे ये साफ हुआ कि ये कोई एक-दो घटनाएं नहीं बल्कि एक लंबे समय से चल रहा संगठित शोषण है. मामला अदालत तक पहुंचा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई और आखिरकार 2010 में स्वामी विकासानंद को दोषी ठहराकर जेल भेज दिया गया.
महाराष्ट्र का मामला हो या जबलपुर का दोनों में एक खतरनाक पैटर्न साफ दिखाई देता है. पहले भरोसा जीतो फिर डर पैदा करो. चमत्कार का वादा करो और आखिर में उसी भरोसे को हथियार बनाकर शोषण करो. फिर वीडियो रिकॉर्ड कर मुंह बंद करा दो. आस्था के नाम पर हो रहे ऐसे खतरनाक खेल में परेशान लोग कब तक फंसते रहेंगे. कब तक ऐसे बाबाओं को ये सब करने का बल मिलता रहेगा. दरअसल इसके लिए केवल कानून की ही नहीं बल्कि जागरुकता की भी जरूरत है. कोई बाबा कहे कि वो भगवान है तो आस्था में इतने अंधे मत हो जाइए. बाबा जैसे ही अस्मिता की सीमा रेखा लांघे तो वहीं रोक दीजिए और उसके खिलाफ आवाज उठाइए ताकि और मासूम उसका शिकार न बन सकें.
यहां देखें वीडियो
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