अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए दान चोरी के मामले ने देश की सियासत और धार्मिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है. इस पूरे विवाद पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar Baba) का बड़ा और तीखा बयान सामने आया है. भोपाल पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस कुकृत्य पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे अंजाम देने वालों को 'महादंड' भुगतने की चेतावनी दी है. इसके साथ ही उन्होंने देश के मुसलमानों को लेकर भी एक बड़ा और दिलचस्प बयान दिया है.
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रावण की तरह होगा समूल वंश का नाश
मीडिया से बातचीत के दौरान जब बागेश्वर बाबा से राम मंदिर में हुई दान चोरी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "भगवान राम जी के यहां रहकर इस प्रकार का कृत्य करने वाले व्यक्ति महादंड पाएंगे". उन्होंने इतिहास और पुराणों का उदाहरण देते हुए आगे कहा, "रावण ने माता जानकी जी का हरण किया था, तो उसका समूल वंश नाश हुआ था. लाखों-करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र भगवान के यहां रहकर जो भगवान से और धर्म से भयभीत नहीं हुआ और जिसने ऐसा कुकृत्य किया है, निश्चित है वह महादंड पाएगा"
सनातनी और समर्पित लोगों को ही मिले मंदिर की कमान
हाल के दिनों में संतों और मंदिर व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिर के ट्रस्ट और व्यवस्थापकों को लेकर भी बड़ी बात कही. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि राम मंदिर की इस घटना के बाद अब यह तय होना चाहिए कि सनातनी वैष्णव परंपरा और संत परंपरा, जो भगवान के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं, ऐसे लोगों को ही भगवान के मंदिर की सेवा और व्यवस्था का कार्य मिलना चाहिए.
जब उनसे वीएचपी (VHP), आरएसएस (RSS) और चंपत राय पर लग रहे आरोपों और मामला दर्ज न होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन देश की जांच एजेंसियां और एसआईटी (SIT) इस मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं.
भारतीय मुसलमानों को दी इंडोनेशिया से सीखने की सलाह
राम मंदिर विवाद के अलावा, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारतीय मुसलमानों को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने अपने इंडोनेशिया दौरे का जिक्र करते हुए भारतीय मुसलमानों को वहां जाकर सीखने की सलाह दी.
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "भारत के मुसलमानों को इंडोनेशिया जाना चाहिए और वहां देखना चाहिए कि जो लोग दिन में पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं, वे दीपावली पर दीया भी जलाते हैं, रामकथा में भी आते हैं और सभी परंपराओं का सम्मान करते हैं". उन्होंने बाली द्वीप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जब हिंदू अपने नववर्ष पर 24 घंटे का मौन और निर्जला व्रत रखते हैं तो वहां के मुसलमान भी लाउडस्पीकर पर अजान न पढ़कर उनका पूरा समर्थन करते हैं. आस्था के साथ देश की संस्कृति का सम्मान कैसे किया जाता है, यह इंडोनेशिया से सीखा जा सकता है.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि राम मंदिर से दान चोरी होने के मामले के बाद से ही देश का सियासी और धार्मिक पारा चढ़ा हुआ है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है जो लगातार जांच कर रही है. इस मामले में अब तक कई इस्तीफे हो चुके हैं और कुछ गिरफ्तारियां भी की गई हैं. हालांकि, विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन कर रहा है और अब साधु-संतों की तरफ से भी व्यवस्था को बदलने की मांग उठने लगी है.
यहां देखें वीडियो:
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