बैरिकेड्स तोड़कर भोपाल में घुसे हजारों किसान, 7 दिन का राशन-पानी भी लाए साथ, जानें क्या हैं मुख्य मांगें

राजेश रजक

• 07:56 PM • 28 Jul 2026

Bhopal Farmer Protest: भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा की 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' के तहत हजारों किसान पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर राजधानी में दाखिल हो गए. मूंग की 100% सरकारी खरीदी, MSP का लाभ, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और अन्य मांगों को लेकर किसान 7 दिन का राशन-पानी साथ लेकर आंदोलन पर डटे हैं.

Bhopal Farmer Protest
Bhopal Farmer Protest
Google CTA

मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की 'किसान क्रांति पैदल यात्रा' मंगलवार को भोपाल की सीमा में दाखिल हो गई. मंडीदीप स्थित भोपाल सीमा पर पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कड़ी बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए लगभग 2,000 किसान राजधानी में प्रवेश कर गए. इससे पहले सुबह औबेदुल्लागंज टोल प्लाजा पर भी प्रशासन ने किसानों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन किसान नहीं माने. जैसे ही किसान मंडीदीप सीमा पर कलियासोत नदी के पुल और प्रथम ढाबा के पास पहुंचे, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद वे बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए.

Read more!

मूंग खरीदी की सीमित सीमा और खाद की टैगिंग से आक्रोश

किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेता मलखान सिंह चंद्रवंशी ने बताया कि सरकार ने एक एकड़ जमीन पर केवल 1 क्विंटल 30 किलो मूंग की सरकारी तुलाई की सीमा तय की है. इसके कारण किसानों का बचा हुआ मूंग मंडियों में व्यापारियों द्वारा ओने-पौने दामों (लगभग 4,000 रुपए प्रति क्विंटल) पर खरीदा जा रहा है, जबकि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) करीब 8,700 रुपए प्रति क्विंटल है.

इसके अलावा, सोसायटियों में खाद वितरण की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. किसानों का आरोप है कि यूरिया लेने पर डीपीआई या अन्य खाद लेने की अनिवार्यता थोपी जा रही है, जिससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से खाद नहीं ले पा रहे हैं और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है.

7 दिन का राशन लेकर पहुंचे किसान, आर-पार के मूड में अन्नदाता

लगभग 13 से 19 किसान संगठनों के बैनर तले निकले इस जनसैलाब का कहना है कि वे सिर्फ विरोध दर्ज कराने नहीं आए हैं, बल्कि अपनी मांगों को मनवाने के इरादे से आर-पार की लड़ाई लड़ने पहुंचे हैं. किसान अपने साथ 7 दिनों का राशन और पानी लेकर आए हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे भोपाल से वापस नहीं लौटेंगे. किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से गुहार लगाते हुए कहा कि खुद को 'किसान पुत्र' बताने वाले नेताओं को सड़क पर उतरे किसानों की सुध लेनी चाहिए.

पुलिस बल तैनात, सीएम हाउस में प्रतिनिधिमंडल की वार्ता संभव

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर 250 से 300 से अधिक पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार किसानों से बातचीत कर शांति बनाए रखने और ज्ञापन सौंपने का आग्रह कर रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, भोपाल प्रशासन किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास लेकर पहुंचा है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर सकते हैं. इस सकारात्मक वार्ता के बाद रैली समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है.