राजधानी भोपाल के अंतरराज्यीय बस स्टैंड (ISBT) परिसर में रविवार शाम भीषण आग लग गई. पार्किंग में खड़ी 'वर्मा ट्रेवल्स' की बसों में अचानक भड़की आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते कई बसों को अपनी चपेट में ले लिया. आग की भयावह लपटें और आसमान में दूर-दूर तक फैला काले धुएं का गुबार देखकर मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.
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7 से 8 बसें जलकर राख, 15-20 फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पार्किंग में खड़ी वर्मा ट्रेवल्स की एक बस में अचानक आग लगी थी. जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक लपटों ने आसपास खड़ी दूसरी बसों को भी घेर लिया. हादसे में करीब 7 से 8 बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं. सूचना मिलने के 15 से 20 मिनट के भीतर पुलिस-प्रशासन की टीम और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे. फायर ब्रिगेड की करीब 15 से 20 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछार कर आग पर पूरी तरह काबू पाया.
खाली खड़ी थीं बसें, टला बड़ा हादसा
इस भयानक अग्निकांड में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. हादसे के वक्त सभी बसें खाली खड़ी थीं और उनमें कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. बताया जा रहा है कि प्रभावित बसें बालाघाट, सिवनी और इंदौर रूट पर चलने वाली थीं.
पास रखे थे ऑयल ड्रम, टला बड़ा धमाका
घटनास्थल के ठीक पास ऑयल से भरे प्लास्टिक के ड्रम और टैंकर भी रखे हुए थे. अगर आग की लपटें उन ड्रमों तक पहुंच जातीं, तो भोपाल के इस व्यस्ततम बस स्टैंड पर भीषण धमाका हो सकता था और नुकसान का दायरा कई गुना बढ़ सकता था.
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल हादसे की असली वजह सामने नहीं आई है. इस घटना में 4 से 5 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.हालांकि शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है. पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटी है कि यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई लापरवाही थी. इस हादसे ने बस स्टैंड परिसरों में सुरक्षा और अग्निशमन के इंतजामों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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