भोपाल के बेहद पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले सूरजनगर इलाके में पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की उनके ही घर में धारदार हथियार से निर्मम हत्या से हड़कंप मच गया है. हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अलमारियों के ताले तोड़कर लूटपाट की और साक्ष्य मिटाने की नीयत से रसोई का एलपीजी (LPG) सिलेंडर पाइप निकालकर फरार हो गया. वारदात के महज 15 मिनट बाद (रात करीब 2:15 बजे) सूरजनगर से भदभदा रोड की तरफ तेजी से भागता संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार सीसीटीवी में कैद हुआ है.
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सबूत मिटाने की खौफनाक साजिश और सुबह खुला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने रसोई के सिलेंडर का पाइप निकाल दिया, ताकि पूरे घर में गैस भरकर आग लग जाए और हत्या के सारे सबूत जलकर खाक हो जाएं. घटना का खुलासा बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब मृतक की पत्नी निशी अग्रवाल मॉर्निंग वॉक के लिए उठीं और मुख्य दरवाजा बाहर से बंद मिला. उन्होंने घरेलू कर्मचारी अमर थापा की मदद से जब दरवाजा खुलवाया, तो कमरे के अंदर राकेश अग्रवाल का शव पड़ा मिला. शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से वार कर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है.
पुलिस की कार्रवाई: 8-10 टीमें तैनात, नौकर सप्लायर एजेंसी से पूछताछ
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक और पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं.
भोपाल एडीसीपी (ADCP) अनिल शर्मा के अनुसार: 8-10 टीमें गठित: आरोपी वरुण कुमार की तलाश में पुलिस की 8 से 10 विशेष टीमें लगाई गई हैं, जो पंजाब, आगरा और झांसी वाले ट्रैक पर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
सप्लायर एजेंसी से पूछताछ: वारदात से महज 4 दिन पहले ही वरुण को काम पर रखा गया था। जिस एजेंसी के जरिए यह नौकर सप्लाई किया गया था, उससे भी गहन पूछताछ की जा रही है.
मूल निवास पर दबिश: आरोपी के मूल निवासी वाले संबंधित थाने को सूचित कर दिया गया है और उसके परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है.
बीना रोड पर आखिरी लोकेशन, अमेरिका से रवाना हुआ बेटा
क्राइम ब्रांच और साइबर टीम को आरोपी की आखिरी लोकेशन कुरवाई-बीना रोड पर मिली है, जिसके आधार पर आसपास के जंगलों और रास्तों में घेराबंदी की गई है। वहीं, मृतक राकेश अग्रवाल का इकलौता बेटा अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में कार्यरत है, जो घटना की खबर मिलते ही भारत के लिए रवाना हो चुका है। शुक्रवार को भदभदा विश्रामघाट पर राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस वेरिफिकेशन पर उठे गंभीर सवाल
इस हत्याकांड ने हाई-प्रोफाइल इलाकों की सुरक्षा और वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं पुलिस वेरिफिकेशन: क्या 4 दिन पहले काम पर रखे गए केयरटेकर का पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) कराया गया था? CCTV की अनदेखी: इतने बड़े बंगले में सुरक्षा के लिहाज से एक भी सीसीटीवी कैमरा क्यों नहीं लगा था?बुजुर्गों की सुरक्षा: केयरटेकर के भरोसे रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर परिवार और समाज को कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है?
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