बुरहानपुर से एक झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्था और दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिले की महाजन कॉलोनी में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला बिंदुबाई अपने दिव्यांग पति दयाशंकर को पीठ पर लादकर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचीं. पिछले 9 वर्षों से यह बुजुर्ग दंपत्ति सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, करीब 9 साल पहले पैरालिसिस (लकवा) के हमले के चलते दयाशंकर का पैर काटना पड़ गया था, जिसके बाद से वे चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं. पति के लिए एक ट्राई-साइकिल और दिव्यांग पेंशन की मांग को लेकर बिंदुबाई पिछले 9 साल से लगातार सरकारी दफ्तरों के दरवाजे खटखटा रही हैं. हर बार सिर्फ आश्वासन मिलने से परेशान होकर आखिरकार महिला अपने लाचार पति को अपनी पीठ पर लादकर कलेक्टर विवेक कुमार के पास जनसुनवाई में पहुंच गई. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जिम्मेदार अधिकारियों की सफाई
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आया है. निःशक्त कल्याण एवं दिव्यांग विभाग के अधिकारी दुर्गेश कुमार दुबे ने 'एमपीतक' से फोन पर बातचीत में बताया कि दयाशंकर को 2 साल पहले एक कार्यक्रम में व्हील चेयर दी गई थी, जिसकी अवधि 3 साल की होती है. अब एक साल बाद उनको ट्राई-साइकिल दी जा सकती है, और यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है, जिसके चलते जल्द ही व्यवस्था की जाएगी.एक तरफ जहां 9 साल से एक बुजुर्ग महिला अपने दिव्यांग पति को पीठ पर लादकर व्यवस्था के दरवाजे खटखटा रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी नियमों का पाठ पढ़ा रहे हैं. अब यह देखना होगा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद इस लाचार दंपत्ति को उनका हक और राहत कब तक मिल पाती है.
ADVERTISEMENT


