इंदौर की जिला अदालत में सोमवार यानी 16 मार्च को एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी. कोर्ट की कार्यवाही के दौरान अचानक एक सीलिंग फैन सीधे जज की कुर्सी पर गिर गया. इस चौंकाने वाले हादसे में महिला अपर सत्र न्यायाधीश घायल हो गई हैं. चश्मदीदों की मानें तो जिस वक्त पंखा गिरा, कोर्ट रूम में सुनवाई चल रही थी और अचानक हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई.
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जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब अदालत में केस की फाइलें देखी जा रही थीं. अचानक तेज आवाज के साथ पंखा अपनी जगह से उखड़कर नीचे आ गिरा. इसकी चपेट में आने से जज को सिर और कंधे पर चोटें आई हैं. गनीमत यह रही कि पंखा सीधे सिर पर नहीं गिरा, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी. फिलहाल जज की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन इस हादसे ने वकीलों और कोर्ट स्टाफ के बीच दहशत का माहौल बना दिया है.
फूटा वकीलों का गुस्सा
इस घटना के बाद वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. जिला कोर्ट अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एलएल यादव ने भवन की हालत पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कोर्ट रूम की छतें और बिजली के उपकरण इतने पुराने और जर्जर हो चुके हैं कि यहां काम करना जान जोखिम में डालने जैसा है. कई कमरों में सीलन और कमजोर ढांचे की शिकायत लंबे समय से की जा रही है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही का नतीजा आज सबके सामने है.
अधिवक्ता विनोद द्विवेदी सहित अन्य वकीलों ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है. वकीलों का कहना है कि सिर्फ जज ही नहीं, बल्कि कोर्ट में आने वाले फरियादी और वकील भी हमेशा खतरे के साये में रहते हैं. पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत और जर्जर हो चुके बिजली सिस्टम को लेकर कई बार मांग की गई, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी की जान भी जा सकती है.
कार्य में तेजी लाने की मांग
हादसे के बाद अब जिला प्रशासन और कोर्ट प्रबंधन से नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की जा रही है. वकीलों ने मांग की है कि जब तक नई बिल्डिंग तैयार नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान ढांचे की गहन जांच और मरम्मत कराई जाए ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो. फिलहाल, इस हादसे ने न्याय के मंदिर में सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.
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