पहाड़ी इलाकों में बीते 36 घंटों से जारी झमाझम बारिश ने चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तेवर तल्ख कर दिए हैं. उफान पर आई मंदाकिनी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर तक पहुंच गई, जिससे प्रसिद्ध रामघाट के किनारे बसे घर, दुकानें और कई प्रमुख मठ-मंदिर जलमग्न हो गए. आपदा की इस घड़ी में जहां प्रशासन लोगों की जान बचाने के लिए जमीन-आसमान एक कर रहा है, वहीं रामघाट से सामने आई एक तस्वीर ने हर किसी को हैरान कर दिया.
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रामघाट स्थित ऐतिहासिक बड़ा मठ मंदिर में जब बाढ़ का पानी तेजी से परिसर को घेरने लगा, तो हालात का जायजा लेने खुद जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक (SP) अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. पानी के बढ़ते खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने पुजारी से हाथ जोड़कर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चलने की मिन्नतें कीं.
लेकिन, पुजारी अपनी आस्था पर अटल रहे. उन्होंने स्पष्ट मना करते हुए कहा- "पूरी जिंदगी भगवान के चरणों में गुजार दी, अब इस संकट में उन्हें अकेला छोड़कर कहां जाऊं? जो होगा, मेरे ठाकुरजी ही तय करेंगे."
डीएम की सलाह पर मंदिर के कुछ अन्य लोग तो बाहर निकल आए, लेकिन पुजारी टस से मस नहीं हुए. अधिकारियों को आखिरकार हार मानकर वहां से लौटना पड़ा. इस पूरी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
राहत और बचाव में जुटी NDRF की टीम
मंदिर से लौटने के बाद प्रशासनिक अमला लगातार पूरे रामघाट क्षेत्र में डटा रहा. एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय राहत दलों की मदद से नावों के जरिए जलभराव में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है. प्रशासन लगातार माइक से मुनादी कराकर निचले इलाकों को खाली करने का आग्रह कर रहा है.
हालांकि, देर रात मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 2 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया, जिससे थोड़ी राहत मिली है. लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश को देखते हुए नदी के दोबारा उफान पर आने का खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है.
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