इंदौर में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. सीएम ने परिवार की बातें सुनीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया. मुलाकात के दौरान हादसे में अपने अपनों को खोने वाले बेटे ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
ADVERTISEMENT
डेढ़ बजे सोए और 3 बजे चीखें सुनाई दीं
हादसे के वक्त घर में मौजूद मृतक के बेटे ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे तक परिवार के लोग आपस में बात कर रहे थे और फिर सब सोने चले गए. लेकिन करीब 3 बजे अचानक पिता के चिल्लाने की आवाज आई. जब बाहर निकलकर देखा तो घर के बाहर खड़ी कार में भीषण आग लगी थी और लपटें खिड़कियों के जरिए अंदर आ रही थीं.
ऑक्सीजन मिलते ही और भड़क गई आग
बेटे ने उस भयानक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बाहर आग देख उन्होंने दरवाजा बंद करने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही गेट खुला, आग को ऑक्सीजन मिली और वह और ज्यादा भड़क गई. उसने बताया कि उसने मास्क लगाकर अंदर जाने की कोशिश की और अंधेरे में अपनों को ढूंढने के लिए हाथ भी मारे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि वह किसी को नहीं बचा पाया.
परिवार के कई सदस्यों की गई जान
इस दुखद घटना में परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई. बताया जा रहा है कि घर में कैंसर का ऑपरेशन कराने आए मेहमान भी रुके हुए थे. बेटे ने बताया कि घर का फर्नीचर और अन्य सामान इतनी जल्दी आग की चपेट में आ गया कि किसी को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला. घर का कोना-कोना धुआं और लपटों से भर गया था .
मुख्यमंत्री ने व्यक्त की संवेदना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और हादसे की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने प्रशासन को घटना के कारणों की जांच करने और प्रभावितों को उचित मुआवजा व सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.
ये भी पढ़ें: MP Weather: 20 मार्च को बदलेगा MP का मौसम, कई जिलों में बारिश और ओले का अलर्ट
ADVERTISEMENT


