मध्य प्रदेश में रबी सीजन के दौरान चल रही गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेहद गंभीर हैं. किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और उन्हें उनकी उपज का सही दाम मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं. सीएम ने कहा है कि वे आने वाले दिनों में प्रदेश के उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर किसी भी केंद्र पर उतर सकता है, ताकि वे खुद व्यवस्थाओं का जायजा ले सकें और सीधे किसानों से संवाद कर सकें.
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उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रत्येक केंद्र पर पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अलावा, अब किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज विक्रय करने की छूट दी गई है, जिससे उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े.
गेहूं की खरीद में दी गई बड़ी राहत
किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने गेहूं के FAQ मापदंडों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.
- चमक विहीन (Lusterless) गेहूं की सीमा 50 प्रतिशत तक की गई है.
- सूकड़े दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है.
- क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक मान्य की गई है.
तौल और स्लॉट बुकिंग में बढ़ोतरी
जल्द तौल के लिए केंद्रों पर अब तौल कांटों की संख्या को बढ़ाकर 6 कर दिया गया है. साथ ही, अब जिलों को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार और अधिक तौल कांटे बढ़ा सकते हैं. प्रतिदिन प्रति केंद्र गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुकिंग की क्षमता भी 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जिसे जिले अपनी जरूरत के हिसाब से 3000 क्विंटल तक बढ़ा सकते हैं.
समर्थन मूल्य और बोनस
राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी देने का फैसला किया है. इस तरह किसान को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है. साथ ही, किसानों की सुविधा को देखते हुए अब प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग और उपार्जन का कार्य निरंतर जारी रहेगा.
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