गुटबाजी से कांग्रेस को नहीं मिल रहा निजात, प्रदेश प्रभारी के सामने कार्यकर्ताओं में चली कुर्सियां, जमकर हंगामा

जय नागड़ा

19 Jun 2023 (अपडेटेड: Jun 19 2023 2:30 AM)

Khandwa News: कांग्रेस चुनाव से पहले पार्टी की गुटबाजी खत्म करने का प्लान तो बना रही है, लेकिन अंतर्कलह और गुटबाजी से ही पार नहीं पा रही है. बैठकों में मारपीट – गाली गलौच जैसे दृश्य आम हो रहे है. जिसे रोक पाने में पार्टी के नेता नाकाफी दिख रहे है. खण्डवा में आज कांग्रेस के […]

Congress is not able to get rid of factionalism, in front of the state in-charge, the chairs moved among the workers, there was a lot of uproar
Congress is not able to get rid of factionalism, in front of the state in-charge, the chairs moved among the workers, there was a lot of uproar
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Khandwa News: कांग्रेस चुनाव से पहले पार्टी की गुटबाजी खत्म करने का प्लान तो बना रही है, लेकिन अंतर्कलह और गुटबाजी से ही पार नहीं पा रही है. बैठकों में मारपीट – गाली गलौच जैसे दृश्य आम हो रहे है. जिसे रोक पाने में पार्टी के नेता नाकाफी दिख रहे है. खण्डवा में आज कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के प्रभारी संजय दत्त कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे तब कांग्रेसजन आपस में ही भिड़ गए. मामला मारपीट और झूमा झटकी तक जा पहुंचा और फिर कुर्सियां भी फेंकी गई. हालांकि बाद में आपस में लड़ने वाले ये कार्यकर्त्ता साथ में बैठकर कहने लगे कि किसी ग़लतफ़हमी के चलते यह विवाद की स्थिति बनी.

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खण्डवा के गांधी भवन में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और मध्यप्रदेश के प्रभारी संजय दत्त पहुंचे थे. वे एक अलग कमरे में कांग्रेसजनो से वन टू वन बातचीत कर यहां की स्थिति समझने की कोशिश कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर हॉल में कांग्रेसजन आपसी विवाद में उलझे हुए थे.

अध्यक्ष पद और चुनाव में हार को लेकर हुआ पहला विवाद
पहला विवाद कांग्रेस के नेता मोहन ढाकसे और युवक कांग्रेस के नेता इमरान पटेल के बीच हुआ. ढाकसे कांग्रेस से खण्डवा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है, लेकिन हार का सामना करना पड़ा. वहीं हाल ही में उन्हें कांग्रेस ने शहर अध्यक्ष बनाया और बढ़ते विरोध के बाद फिर उसे होल्ड पर रखकर डॉ मुनीश मिश्रा को शहर अध्यक्ष बना दिया गया. ढाकसे अरुण यादव के समर्थक माने जाते है. उन्हें हटाए जाने से इस गुट में असंतोष है. उनसे विवाद करने वाले इमरान पटेल का कहना था, कि ढाकसे कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं पर आरोप लगा रहे थे कि मुसलमानो ने कम वोट दिया. जिसकी वज़ह से वह हारे और उन्हें यह भी शंका है, कि मुस्लिम नेताओं के विरोध के चलते ही उन्हें होल्ड पर रखा गया.

डेलिगेशन से बातचीत के दौरान ही विवाद
युवक कांग्रेस ने बताया कि हम मुस्लिम समाज का डेलिगेशन संजय दत्त साहब से मिल रहा था. संगठन की बात चल रही थी. तब अचानक मोहन ढाकसे बीच में आये और वे हमारे वरिष्ठ नेता पर आरोप -प्रत्यारोप लगाने लगे कि मुस्लिम समाज साथ नहीं दे रहा. हमने कहा कि आपके चुनाव में मुस्लिम समाज ने अस्सी प्रतिशत से ज्यादा वोट देकर उनकी जमानत बचायी. शहर अध्यक्ष बनाया और होल्ड किया तो उन्हें लगा कि हमारे विरोध के कारण ही ऐसा हुआ है.

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कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट और झूमाझटकी
अभी एक मामला शांत सुलझा भी नहीं था, कि कांग्रेस के अरुण यादव गुट के दो कार्यकर्ता मुन्नू बाबूजी और शैलेन्द्र राठौर भी आपस में भिड़ गए. मामला मारपीट और झूमाझटकी तक पहुंचा. फिर कुर्सियां भी फेंकी गई. किसी तरह कांग्रेस नेताओं ने दोनों को समझा बुझाकर विवाद शांत कराया. यहां भी मुसलमानो द्वारा चुनाव में कांग्रेस को अपेक्षित समर्थन न देने को लेकर विवाद गहराया था. हालांकि बाद में दोनों कार्यकर्ता साथ में बैठकर चाय भी पीते देखे गये. उनका कहना था कि किसी ग़लतफ़हमी के चलते यह विवाद हुआ जो समाप्त हो गया है.

कांग्रेस नेता विवाद से किनारा करते नजर आए
इधर कांग्रेस नेता संजय दत्त का कहना था, कि उन्हें इस विवाद की कोई जानकारी नहीं है. संभवतः वे जिस समय लंच के लिए गए थे तब यह घटनाक्रम हुआ होगा. उन्होंने कहा कि वे यहां स्थिति का आकलन करने आये है, कि कांग्रेस के लिए यहां स्ट्रेंथ क्या है, और कमजोरी क्या है. इसका आकलन करके ही आगे की रणनीति तय होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अच्छे वक़्ता नहीं है. मैनेजमेंट के क्षेत्र से आते है. इसलिए उनका ध्यान इसी पर है कि संगठन को कैसे मज़बूत करें.

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