दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिला अस्पताल से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोलती एक बेहद दर्दनाक और शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. अस्पताल में भर्ती अपने बीमार बेटे का इलाज कराने आई एक बुजुर्ग मां से अस्पताल के टेबल और फर्श को साफ कराया गया . इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है.
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, दमोह के तेजगढ़ क्षेत्र के सिमरिया गांव की रहने वाली 58 वर्षीय हल्की बहू अपने बेटे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थीं. उनका बेटा डायरिया (दस्त) से पीड़ित था. इलाज के दौरान अस्पताल के फर्श पर गंदगी फैल गई. आरोप है कि वहां ड्यूटी पर तैनात नर्स और कर्मचारियों ने खुद सफाई करने या सफाई कर्मचारी को बुलाने के बजाय असहाय मां के हाथ में ही पोछा थमा दिया.
वायरल वीडियो में महिला मजबूरी में फर्श पर पोछा लगाती साफ दिखाई दे रही है. महिला का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स के कहने पर ही उसे यह सफाई करनी पड़ी.
प्रशासन में हड़कंप, जारी हुआ नोटिस
वीडियो के सामने आने और मामला तूल पकड़ने के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया. अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ड्यूटी नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक (Assistant Hospital Manager) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
हालांकि, इस पूरे मामले पर अपनी सफाई देते हुए अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो लगभग डेढ़ से दो महीने पुराना है. फिलहाल, अस्पताल प्रशासन उन परिस्थितियों की जांच कर रहा है जिनके तहत महिला से सफाई कराई गई.
जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, उठाए गंभीर सवाल
वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर यह वीडियो शेयर करते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया.
जीतू पटवारी ने इसे "लाचारी की इंतहा" करार देते हुए सवाल उठाया:
"यह दृश्य दमोह के सरकारी अस्पताल का है, जहां पोछा लगा रही महिला मरीज की मां है. क्या अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी है? क्या कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है? या फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का बजट भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है?"
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल
इस घटना ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं, सफाई व्यवस्था के दावों और प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जब सरकारी अस्पतालों में सफाई के लिए अलग से बजट और एजेंसियां तय हैं, तब एक लाचार मां से पोछा लगवाना स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता को दर्शाता है.
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