दतिया उपचुनाव: ग्रह-नक्षत्र खिलाएंगे कमल का फूल? बीजेपी प्रभारी के बयान पर गरमाई सियासत, कांग्रेस का पलटवार

अशोक शर्मा

• 04:48 PM • 26 Jul 2026

Datiya Byelection: दतिया उपचुनाव के प्रचार मंच से बीजेपी प्रदेश प्रभारी द्वारा ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर पार्टी की जीत का दावा करने पर नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है.

नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा
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मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ चुका है. चुनावी मैदान में नेताओं के भाषणों और जनसंपर्क के साथ-साथ अब 'ग्रह-नक्षत्रों' की चर्चा भी जोर-शोर से शुरू हो गई है. दतिया में बीजेपी चुनाव कार्यालय के शुभारंभ के दौरान मंच से पार्टी के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने ग्रहों की स्थिति की गणना करते हुए यह दावा कर दिया कि इस बार भी दतिया में बीजेपी की जीत तय है. उस वक्त मंच पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद थे. महेंद्र सिंह के इस बयान के बाद दतिया की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या चुनाव संगठन की ताकत पर लड़ा जा रहा है या फिर ग्रह-नक्षत्रों के भरोसे!

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मंच से गिनाए 'शुभ योग' और ग्रहों की चाल

कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महेंद्र सिंह ने ज्योतिषशास्त्र का हवाला दिया. उन्होंने कहा:

"सूर्य मिथुन से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और कर्क राशि में पहले से ही बृहस्पति विराजमान थे. यानी राजा जाकर गुरु से मिल रहा है. इसके अलावा शुक्र और चंद्रमा का सिंह राशि में प्रवेश का ऐसा सुंदर योग बना है, जिससे यह तय हो चुका है कि दतिया में कमल का फूल खिलेगा और भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी."

बीजेपी की सफाई

इस बयान पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे भारतीय आस्था और प्राचीन परंपरा से जोड़ा है. बीजेपी नेताओं का तर्क है कि भारत में कोई भी शुभ कार्य—चाहे वह नया मकान खरीदना हो, वाहन लेना हो या चुनाव लड़ना हो- मुहूर्त और ज्योतिष देखकर ही किया जाता है. पार्टी के अनुसार, इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. नेताओं का यह भी दावा है कि जीत के इस 'शुभ संकेत' से कार्यकर्ताओं में निराशा के बजाय नया उत्साह भरेगा और वे दोगुनी मेहनत करेंगे.

कांग्रेस का हमला

दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी के इस बयान को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस का कहना है कि जब चुनाव जीतने के लिए नेताओं को ग्रह-नक्षत्रों की भविष्यवाणी का सहारा लेना पड़ रहा है, तो यह बीजेपी के अंदरूनी डर और आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है.

कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि हम धर्म और ज्योतिष में विश्वास जरूर रखते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के दिए 'कर्म' के संदेश पर अमल करते हैं. चुनाव का फैसला ज्योतिष नहीं बल्कि जनता अपने वोट से करती है. कांग्रेस ने दावा किया कि उनकी पार्टी का कार्यकर्ता जमीन पर डटा हुआ है और वे 25 से 30 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेंगे.

3 अगस्त को आएगा जनता का फैसला

दतिया के चुनावी संग्राम में एक तरफ बीजेपी इसे अपनी सांस्कृतिक आस्था और जीत का विश्वास बता रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे चुनावी हताशा करार दे रही है. चर्चा यह भी है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद कार्यकर्ताओं में उपजे असंतोष को दूर करने के लिए भी ऐसे बयानों का सहारा लिया जा रहा है.

अब देखना होगा कि दतिया की जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है और 3 अगस्त को मतगणना के दिन ग्रह-नक्षत्रों का यह गणित कितना सटीक बैठता है.