दतिया उपचुनाव: कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने खोला राज, बताया आखिर क्यों ठुकराया BJP का ऑफर, नरोत्तम मिश्रा को लेकर कही ये बड़ी बात

न्यूज तक डेस्क

• 03:33 PM • 19 Jul 2026

दतिया उपचुनाव के बीच दिग्गज ब्राह्मण नेता अवधेश नायक ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार शुरू कर दिया है. 'एमपी तक' से विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के आश्वासन के बाद वे मान गए हैं, साथ ही दावा किया कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज बीजेपी वोटर और बड़ा भीतरघात दतिया में कांग्रेस की बंपर जीत तय करेगा.

अवधेश नायक
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MP Datia Byelection: मध्य प्रदेश की सबसे हॉटस्पॉट बन चुकी दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है. इस समय पूरे प्रदेश की निगाहें दतिया के सबसे चर्चित और बड़े ब्राह्मण चेहरे अवधेश नायक (Awadhesh Nayak) पर टिकी हुई थीं. पिछले काफी समय से चुप्पी साधे घर बैठे अवधेश नायक को मनाने के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के दिग्गज नेता एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे. लेकिन अब अवधेश नायक ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है.

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'MP Tak' के साथ खास बातचीत में अवधेश नायक ने बीजेपी में शामिल न होने की असली वजह, नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने का असर और दतिया चुनाव के भीतरघात को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

जीतू पटवारी से किया वादा और 2028 का 'टिकट आश्वासन'

काफी दिनों तक शांत रहने और प्रचार से दूरी बनाने के सवाल पर अवधेश नायक ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा, "साल 2023 के बाद मेरे कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उपचुनाव में मुझे टिकट मिलेगा, लेकिन ऐसा न होने से समर्थकों और परिवार में थोड़ी निराशा थी. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी जी से मैंने वादा किया था कि मैं प्रचार जरूर करूंगा. बस कार्यकर्ताओं को समझाने में 4-5 दिन का समय लगा."

शर्तों के सवाल पर उन्होंने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि अब उनके साथ अन्याय नहीं होगा. अवधेश नायक ने कहा कि पार्टी उनके परिश्रम का पूरा ध्यान रखेगी और साल 2028 के मुख्य विधानसभा चुनाव में उनकी दावेदारी पर लगभग सहमति बन चुकी है.

कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी नेताओं से मुलाकात का सच

अवधेश नायक लंबे समय तक बीजेपी में रहे हैं, इसलिए कयास लगाए जा रहे थे कि वे वापस घर वापसी कर सकते हैं. बीजेपी नेता राकेश शुक्ला समेत कई बड़े नेता उन्हें मनाने पहुंचे थे. इस पर खुलासा करते हुए उन्होंने कहा, "जब मैं कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ पीतांबरा पीठ मंदिर में दर्शन करके लौट रहा था, तब वहां बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग मिल गए. उन्होंने जीतू पटवारी के सामने ही मुझे बड़े स्नेह से गले लगा लिया. ये हमारे विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा के दिनों के भावनात्मक रिश्ते हैं, इन्हें राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए." हालांकि, बीजेपी से मिले ऑफर के सवाल पर उन्होंने यह कहकर सस्पेंस बढ़ा दिया कि कुछ बातें सार्वजनिक न की जाएं तो बेहतर है.

नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना

दतिया के सियासी समीकरणों पर बात करते हुए अवधेश नायक ने दावा किया कि पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना पूरी तरह से कांग्रेस के पक्ष में जा रहा है.

उन्होंने कहा, "नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी है. रही-सही कसर नरोत्तम जी के आंसुओं ने पूरी कर दी है. उनका वोटर और समर्थक अब खुद-ब-खुद कांग्रेस की तरफ मुड़ रहा है, उसे कोई नहीं रोक सकता." अवधेश नायक ने दावा किया कि वे खुद सर्व समाज के नेता हैं और इस बार दतिया का ब्राह्मण और सर्व समाज कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह को एकतरफा वोट देने जा रहा है.

दतिया बीजेपी में 2023 से भी बड़ा भीतरघात होना तय

बीजेपी के भीतर चल रही गुटबाजी पर बड़ा हमला बोलते हुए अवधेश नायक ने कहा कि दतिया बीजेपी में असंतोष की आग सुलग रही है. उन्होंने कहा, "साल 2023 के चुनाव में भी बीजेपी के अंदर जोरदार भीतरघात हुआ था. पूर्व विधायक राजेंद्र भारती जी ने तो एक चैनल पर यहां तक कहा था कि अगर वो भीतरघात करने वालों के नाम बता दें तो मिश्रा जी के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.

चूंकि मैं भी उस पूरी प्रक्रिया में भारती जी के साथ शामिल था, इसलिए मैं नाम तो नहीं लूंगा, लेकिन इस बार भी बीजेपी में तगड़ा भीतरघात होने वाला है. लोग दिखावे के लिए कहीं रहेंगे और वोट कहीं और देंगे." उन्होंने दावा किया कि 3 तारीख को आने वाले नतीजों में जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस दतिया सीट पर बड़े मार्जिन से फतह हासिल करेगी.