Datia By Election: दतिया उपचुनाव में Congress की चाल को कैसे तोड़ेगी बीजेपी?

आशुतोष शुक्ला

21 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 21 2026 2:41 PM)

Datia By Election: दतिया उपचुनाव में नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को मनाकर कांग्रेस ने अपने पाले में कर लिया है, जिससे पार्टी की अंदरूनी कलह सुलझ गई है.

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस
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Datia By-Election: मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो चुका है. कांग्रेस ने अपनी बड़ी अंदरूनी कलह को सुलझाकर भाजपा के लिए चुनावी मुकाबले को कड़ा कर दिया है. नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को कांग्रेस मनाने में कामयाब रही है, जिसके बाद उन्होंने पार्टी उम्मीदवार घनश्याम सिंह के लिए बाकायदा चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है.

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मुकेश नायक की रणनीति से सुलझा सस्पेंस

12 जुलाई को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के दतिया दौरे और 13 जुलाई को भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की अवधेश नायक से हुई सीक्रेट मुलाकातों के बाद इलाके में भारी सियासी सस्पेंस बना हुआ था. हालांकि, मुकेश नायक की रणनीति के तहत हुए समझौते के बाद इस पर विराम लग गया. सूत्रों की मानें तो पार्टी ने अवधेश नायक को आगामी निकाय चुनाव (2027) या विधानसभा चुनाव (2028) में टिकट देने का आश्वासन दिया है.

दतिया का जातिगत समीकरण और अवधेश नायक का प्रभाव

दोनों प्रमुख दलों के लिए अवधेश नायक का साथ इसलिए भी बेहद अहम था क्योंकि दतिया विधानसभा में लगभग 34,000 से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं. अवधेश नायक की इस वर्ग में मजबूत पकड़ मानी जाती है. यदि वे बागी होते या चुनाव में निष्क्रिय बैठते तो कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता था. बीजेपी ने भी उन्हें अपने पाले में लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अवधेश नायक आखिरकार कांग्रेस के साथ ही डटे रहे.

दिग्विजय सिंह की सार्वजनिक माफी ने पिघलाया दिल

आरएसएस (RSS) बैकग्राउंड से आने वाले अवधेश नायक ने 2023 में नरोत्तम मिश्रा से मतभेदों के चलते भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था. 2023 के चुनाव में राजेंद्र भारती के समर्थन में उन्होंने जोरदार प्रचार किया था, जिसके चलते नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,500 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. हाल ही में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान आयोजित जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से अवधेश नायक से माफी मांगी थी. उन्होंने स्वीकार किया था कि 2023 में उन्होंने ही यह सोचकर अवधेश जी का टिकट कटवाया था कि वे कहीं वापस भाजपा में न चले जाएं.

बसई क्षेत्र में आमने-सामने की जंग

अवधेश नायक के मान जाने के बाद अब मुकाबला पूरी तरह से जमीनी स्तर पर आ गया है. दोनों ही दलों ने बसई क्षेत्र में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है:

भाजपा: अपने कई मंत्रियों और विधायकों को मैदान में उतार चुकी है.

कांग्रेस: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह जैसे बड़े नेता लगातार धुआंधार प्रचार कर रहे हैं.

दतिया की जनता इस जातिगत समीकरण और सियासी दांव-पेच के बीच किसे अपना विधायक चुनती है, इसका फैसला 3 अगस्त को आने वाले चुनावी नतीजों के साथ साफ हो जाएगा.