मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. बीजेपी द्वारा इस सीट से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं. अब इन तमाम अटकलों और अपनी कथित नाराजगी पर खुद नरोत्तम मिश्रा ने खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की है और विरोधियों को दोटूक जवाब दिया है.
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दिल्ली पहुंचे नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि वह पार्टी के फैसले के साथ हैं. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या प्रदेश की राजनीति में उनका 'बड़ा कद' ही उनके लिए टिकट मिलने में मुश्किल बन गया? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "यह तो तय हो गया कि अब मेरा कद बड़ा नहीं है... टिकट नहीं मिला ना, तो आपकी बात का जवाब तो इसी में है कि कद बड़ा नहीं है."
मेरे अंदर ही कोई कमी रही होगी...
टिकट कटने की वजहों और फीडबैक को लेकर जब उनसे पूछा गया कि क्या संगठन या मुख्यमंत्री के फीडबैक की वजह से ऐसा हुआ, तो उन्होंने किसी पर भी दोषारोपण करने से साफ इनकार कर दिया. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "मैं ना संगठन को मानता हूं, ना मुख्यमंत्री को मानता हूं और ना ही किसी के ऊपर दोषारोपण करता हूं. मैं तो यह मानता हूं कि मेरे अंदर ही कोई कमी रही होगी. मैं अंतर्मुखी होऊंगा और खुद में सुधार करूंगा." उन्होंने आगे जोड़ा कि पार्टी बहुत ऊपर होती है और हमसे ज्यादा दूर तक देख सकती है, इसलिए संगठन ने जो भी निर्णय लिया है, उसे सिर माथे पर रखते हुए पार्टी का काम करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है.
कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर बोले- 'क्षणिक आवेश था, अब सब शांत'
टिकट कटने के बाद दतिया में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं द्वारा जताए गए विरोध पर पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं में एक क्षणिक आवेश था, जो अब पूरी तरह शांत हो चुका है. उन्होंने कहा, "पार्टी के फोरम पर बात रखने का एक अपना तरीका होता है, उसी तरीके से बात रखी गई. आज दतिया में सभी प्रमुख लोग मौजूद हैं और सब कुछ शांत है. मैं कभी नाराज नहीं था, ना हूं और ना होऊंगा." उन्होंने यह भी साफ किया कि वह कल (मंगलवार) बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन (Nomination) में निश्चित रूप से शामिल होंगे और उनके साथ रहेंगे.
'राजा बनाम फकीर' की लड़ाई, आशुतोष ही जीतेंगे
दतिया से कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह (पूर्व विधायक) को लेकर पूछे गए सवाल पर नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को लेकर जो राय उनकी शुरू से रही है, वही आज भी है. उन्होंने इस चुनाव को 'राजा और फकीर' की लड़ाई करार देते हुए दावा किया कि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ही यहां से बड़ी जीत दर्ज करेंगे.
इसके साथ ही, कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जा रहे उन बयानों पर भी उन्होंने पलटवार किया जिसमें कहा जा रहा था कि जो नरोत्तम मिश्रा कभी कांग्रेस विधायकों को तोड़कर बीजेपी में लाए थे, आज उन्हीं का टिकट कट गया. मिश्रा ने कहा, "अब उन लोगों की पीड़ा है, उन्हें अपनी भड़ास निकालने का अवसर मिला है तो निकाल लेने दो, उन्हें क्यों रोक रहे हो."
'भाजपा में ही जन्म हुआ है, भाजपा में ही मरूंगा'
दल-बदल या पार्टी छोड़ने की तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बेहद भावुक और कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "मैं आपके माध्यम से सबसे एक बात कहना चाहता हूं- नरोत्तम मिश्रा का जन्म भाजपा में ही हुआ है और वह भाजपा में ही मरेगा. इधर-उधर जाने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता." उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्हें पार्टी की तरफ से कोई भविष्य का भरोसा दिया गया है और न ही उन्होंने कोई भरोसा मांगा है, वह सिर्फ एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करते रहेंगे.
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