मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. MP Tak की ग्राउंड टीम जब दतिया के राजगढ़ वार्ड क्रमांक 20 (दलित बहुल क्षेत्र) पहुंची तो स्थानीय लोगों और मतदाताओं ने क्षेत्र के मुद्दों और अपने राजनीतिक रुझान को लेकर बेबाकी से बात की.
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स्थानीय मुद्दे और प्रशासन से नाराजगी
क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि दो साल पहले बारिश के दौरान क्षेत्र में कई मकान गिर गए थे, जिसमें 7 लोगों की दुखद मौत हो गई थी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के इतने समय बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन ने इस क्षेत्र की कोई सुध नहीं ली और हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं. इसके अलावा बेरोजगारी भी क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है.
नरोत्तम मिश्रा के समर्थन पर बीजेपी का भरोसा
वार्ड में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों और पार्षद प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का क्षेत्र में काफी प्रभाव है. नरोत्तम मिश्रा द्वारा आशुतोष तिवारी को दिए गए समर्थन के बाद भाजपा कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी की जीत का दावा कर रहे हैं. भाजपा समर्थकों का कहना है कि पार्टी ने क्षेत्र में काम किया है और वे एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे.
क्या दामोदर यादव बिगाड़ेंगे समीकरण?
दूसरी तरफ, दलित बहुल क्षेत्र होने के कारण कुछ युवाओं और स्थानीय मतदाताओं का झुकाव दामोदर यादव की तरफ नजर आ रहा है. स्थानीय युवाओं का कहना है कि दामोदर यादव लगातार दलित और शोषित समाज की लड़ाई लड़ते आए हैं, इसलिए वे उनका समर्थन कर रहे हैं. ऐसे में दामोदर यादव की मौजूदगी यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के वोटों में सेंध लगा सकती है.
पत्ते खोलने को तैयार नहीं मतदाता
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कई मतदाता ऐसे भी मिले जिन्होंने अपना रुख साफ नहीं किया. कुछ बुजुर्ग और निष्पक्ष मतदाताओं का कहना है कि चुनाव में प्रत्याशी कई आते हैं, लेकिन जो उनके सुख-दुख और रोजगार के काम आएगा, वे उसी को वोट देंगे. फिलहाल दतिया का दलित वर्ग का मतदाता कई गुटों में बंटा हुआ नजर आ रहा है और अंतिम समय में ही अपना फैसला तय करेगा.
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