Datia Bypoll Rudra Research Survey: मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद राजनीतिक दलों में हार-जीत का गणित शुरू हो गया है. बीजेपी जहां हार की समीक्षा बैठकें कर रही है और भीतरघात के आरोपों पर कार्रवाई में लगी है, वहीं दूसरी ओर रुद्रा रिसर्च के एक सर्वे ने यह साफ कर दिया है कि किस उम्र वर्ग और वर्ग के वोटरों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है. सर्वे के नतीजे बीजेपी के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं.
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18 से 25 साल के युवाओं (Gen-Z) में कांग्रेस की बड़ी बढ़त
रुद्रा रिसर्च के सर्वे के अनुसार, 18 से 25 वर्ष के युवा (Gen-Z) वोटरों में कांग्रेस का जबरदस्त असर देखने को मिला. इस वर्ग के 45% युवाओं ने कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया. वहीं बीजेपी के पक्ष में सिर्फ 32% वोट गए. इसके अलावा आजाद समाज पार्टी को इस वर्ग के 19% वोटरों का समर्थन मिला.
26 से 39 वर्ष के वोटरों का भी कांग्रेस की ओर झुकाव
युवाओं के दूसरे बड़े वर्ग यानी 26 से 39 वर्ष की उम्र के मतदाताओं में भी कांग्रेस ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी. इस आयु वर्ग में कांग्रेस को 44% वोट मिले, जबकि बीजेपी 37% वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. आजाद समाज पार्टी को इस वर्ग से 14% वोट हासिल हुए.
40 से 59 वर्ष के वोटरर्स का बीजेपी को पड़ा वोट
30 साल से अधिक उम्र के अनुभवी वोटरों में बीजेपी ने बढ़त हासिल की. 40 से 59 वर्ष के वोटरों में बीजेपी को 42%, कांग्रेस को 40% और आजाद समाज पार्टी को 14% वोट मिले.
वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिकों में 43% वोटरों ने बीजेपी को पसंद किया, जबकि 40% ने कांग्रेस और 11% ने आजाद समाज पार्टी का रुख किया.
पुरुष वोटरों में कांग्रेस आगे
जेंडर फैक्टर की बात करें तो पुरुष मतदाताओं के बीच कांग्रेस ने 5% की बढ़त बनाई. पुरुषों के 43% वोट कांग्रेस के घनश्याम सिंह को, 38% बीजेपी के आशुतोष तिवारी को और 14% आजाद समाज पार्टी को मिले.
महिलाओं में कांटे का मुकाबला
महिलाओं के वोट बैंक में कड़ा मुकाबला देखा गया, जहां कांग्रेस को 41%, बीजेपी को 40% और आजाद समाज पार्टी को 14% महिला वोटरों का साथ मिला. यह सर्वे दिखाता है कि युवा वर्ग का झुकाव कांग्रेस की तरफ ज्यादा रहा, जो बीजेपी के लिए खतरे का संकेत है.
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