MP: पासपोर्ट बनवाने दिल्ली गया था जबलपुर का इरशाद, प्रदर्शन में फंसा तो चेहरे पर लगे लोहे के छर्रे!

न्यूज तक

• 10:10 AM • 24 Jul 2026

दिल्ली में संसद मार्च के दौरान मध्य प्रदेश के युवक के घायल होने और अस्पताल में छर्रे (पेलेट्स) निकाले जाने के बाद विवाद बढ़ गया है. जहां पीड़ित परिवार और अस्पताल सूत्र पेलेट गन के इस्तेमाल की बात कह रहे हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है.

मध्य प्रदेश से दिल्ली गए इरशाद
मध्य प्रदेश से दिल्ली गए इरशाद
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दिल्ली में हाल ही में हुए संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इस घटना में घायल हुए प्रदर्शनकारियों में मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 साल के शेख इरशाद मंसूरी की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती इरशाद की सर्जरी कर उनके शरीर से छर्रे (पेलेट्स) निकाले गए हैं.

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झंडेवाला पासपोर्ट केंद्र आए थे

जानकारी के मुताबिक मूल रूप से जबलपुर (MP) के रहने वाले शेख इरशाद वर्तमान में गुड़गांव में नौकरी करते हैं. सोमवार (20 जुलाई) को वे अपने पासपोर्ट और वीजा से जुड़े काम के लिए झंडेवाला पासपोर्ट सेवा केंद्र आए थे. इसी दौरान वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित संसद मार्च प्रदर्शन में शामिल हो गए. तनाव बढ़ने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई, जिसके बाद हुए हंगामे में इरशाद गंभीर रूप से जख्मी हो गए.

आंख, चेहरे और गर्दन में धंसे छर्रे

अस्पताल के सूत्रों और खुद पीड़ित इरशाद के बयान के मुताबिक, उनके चेहरे, आंख, कंधे और गर्दन में पैलेट (छर्रे) धंस गए हैं.

  • दृष्टि पर असर: एक छर्रा आंख की मांसपेशियों (Eye Muscle) को प्रभावित कर रहा है, जिससे उन्हें देखने में समस्या आ रही है.
  • दूसरी सर्जरी की जरूरत: डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर कुछ छर्रे तो निकाल लिए हैं, लेकिन गर्दन में फंसा एक छर्रा मुख्य रक्त वाहिका (Blood Vessel) के काफी करीब है. इसे निकालना जोखिम भरा होने के कारण डॉक्टरों का कहना है कि इसके लिए दूसरी सर्जरी करनी पड़ सकती है.

इरशाद को मंगलवार को ईएनटी (ENT) वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की और हाल-चाल जाना.

पुलिस का पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार

घटना के बाद से ही जबलपुर में रहने वाले इरशाद के परिवार में चिंता का माहौल है. इरशाद के बड़े भाई शेख मुस्तफा ने कहा कि छात्रों और युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और सरकार को उनकी जायज मांगें माननी चाहिए.

वहीं, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इरशाद को ये चोटें कैसे लगीं. जहां अस्पताल सूत्र और पीड़ित परिवार शरीर में पेलेट/छर्रे मिलने की बात कह रहे हैं, वहीं दिल्ली पुलिस ने अपने किसी भी बल द्वारा पेलेट गन (Pellet Gun) का इस्तेमाल किए जाने के दावों को पूरी तरह से खारिज किया है.