अजब-गजब परंपरा, उज्जैन में मनोकामना पूरी करने के लिए जमीन पर लेटते हैं लोग, उन्हें रौंदती हैं गायें

एमपी तक

13 Nov 2023 (अपडेटेड: Nov 13 2023 7:58 AM)

उज्जैन के भिदावद गांव में लोग मनोकामना पूरी करवाने के लिए खुद को गायों से रौंदवाते हैं. दिवाली के अगले दिन होने वाली ये परंपरा सालों से चली आ रही है.

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Diwali 2023 News: दिवाली का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है, इस दिन लोग विधि-विधान से पूजा करते हैं. दिवाली (Dwali) के मौके पर कई जगहों पर अनोखी परंपराएं निभाई जाती हैं. लेकिन अगर उज्जैन (Ujjain) जिले की परंपरा के बारे में सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे. ऐसी परंपरा जिसे निभाने के लिए लोग जान जोखिम में डाल देते हैं. उज्जैन के भिदावद गांव में भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करवाने के लिए खुद को गायों से रौंदवाते हैं.

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ऐसे निभाते हैं अनोखी परंपरा

दिवाली के अगले दिन, यानी कि कार्तिक महीने की प्रतिपदा के मौके पर उज्जैन के बड़नगर के भिदावद गांव में ये अजीबो गरीब परंपरा निभाई जाती है. भक्तों का मानना है कि, गायों से खुद को रौंदवाने से उनकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी. इस दिन गांव के सभी लोग चौक पर इकट्ठे होते हैं. लोग सड़क पर लेट जाते हैं और गायों को छोड़ दिया जाता है. गाय उनके ऊपर चलती जाती हैं और लोगों को रौंदती जाती हैं. ये परंपरा वर्षों पुरानी है और सालों से इसी तरह निभाई जा रही है.

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गाय से क्यों रौंदवाते हैं?

गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा की जाती है. दरअसल, गाय को लेकर मान्यता है कि गाय में 33 कोटि के देवी-देवताओं का वास होता है. गांव के लोगों का मानना है कि गाय पैर के नीचे आने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है. यही वजह है कि लोग अपनी मनोकामनाओं को पूरा करवाने के लिए गाय से खुद को रौंदवाते हैं और सालों से ये परंपरा इसी तरह निभाई जा रही है.

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