'तुम्हारे सांसद-अध्यक्ष के पास जाओ...', सपा नेताओं पर क्यों भड़कीं BJP विधायक सरिता भदौरिया? जानिए पूरा सच

न्यूज तक डेस्क

14 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 14 2026 1:51 PM)

इटावा में गांव में परशुराम की मूर्ति लगाने और विकास कार्यों का ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं पर BJP विधायक सरिता भदौरिया द्वारा अभद्र भाषा के प्रयोग का वीडियो वायरल होने से सियासी बवाल खड़ा हो गया है.

इटावा में भारी बवाल!
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उत्तर प्रदेश की इटावा सदर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक सरिता भदौरिया का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विधायक कथित तौर पर सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के प्रति अमर्यादित भाषा व अपशब्दों का प्रयोग करती हुई सुनाई दे रही हैं. वीडियो के सामने आते ही इटावा से लेकर लखनऊ तक की सियासत में हड़कंप मच गया है. 

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क्या है पूरा मामला?

समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय नेता ऋषु चौधरी का दावा है कि वे और गांव के अन्य लोग विधायक सरिता भदौरिया के पास अपने गांव में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करने और विकास कार्यों से जुड़ा ज्ञापन देने गए थे.

सपा नेता का आरोप है कि ज्ञापन देखते ही विधायक आपा खो बैठीं और उन्होंने अभद्र भाषा व गाली-गलौज शुरू कर दी. ऋषु चौधरी ने आगे आरोप लगाया कि इस घटना के बाद सत्ता के दबाव में उनके खिलाफ देर रात फर्जी मुकदमा (FIR) दर्ज करवाया गया और पुलिस ने दबिश दी. उन्होंने सत्ता पक्ष पर अपनी जान के खतरे और एनकाउंटर की साजिश का अंदेशा जताया है.

विधायक सरिता भदौरिया की सफाई

विवाद गहराने पर बीजेपी विधायक सरिता भदौरिया का बयान भी सामने आया. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया.

महिला होने के नाते घेरने का आरोप: विधायक ने कहा कि कुछ प्रायोजित लोगों ने बिना पूर्व सूचना के उनकी गाड़ी को घेर लिया और सपा के लेटर पैड पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया. 

इरिटेट करने पर सड़क पर जवाब देने की चेतावनी: विधायक ने कहा कि उन्हें लगातार परेशान करने की कोशिश की जा रही है. अगर इसी तरह का बर्ताव जारी रहा तो बीजेपी समर्थक महिलाएं सड़कों पर उतरकर इसका मुंहतोड़ जवाब देंगी.

सपा का आक्रामक रुख

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि विधायक एक संवैधानिक पद है और किसी भी दल का नागरिक अपनी मांग लेकर उनके पास जा सकता है. सपा का कहना है कि ज्ञापन देने गए युवाओं पर फर्जी एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. सपा ने चेतावनी दी है कि इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी.

कौन हैं सरिता भदौरिया?

सरिता भदौरिया इटावा की राजनीति का एक जाना-माना नाम हैं:

  • राजनीतिक सफर की शुरुआत: अपने पति अभय वीर सिंह भदौरिया (तत्कालीन कांग्रेस महासचिव) की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा.
  • कांग्रेस से बीजेपी तक: 1999 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर इटावा से चुनाव लड़ा था [06:22]। 2004 के चुनाव से पहले वह बीजेपी में शामिल हुईं. 
  • लगातार दो बार विधायक: सरिता भदौरिया ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में इटावा सदर सीट से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की. 

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