मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की बल्ले बल्ले, शिक्षक दिवस पर सीएम ने किया चौथा समयमान वेतनमान का ऐलान

चौथा क्रमोन्नति वेतनमान एक विशेष वेतन वृद्धि है जो मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 35 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को दी जाएगी. इससे शिक्षकों सहित हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ और मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी.

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव

न्यूज तक

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मध्यप्रदेश में शिक्षक दिवस के मौके पर एमपी सरकार ने राज्य के सरकारी शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को भोपाल में हुए राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में ऐलान किया कि राज्य के सभी शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान दिया जाएगा.

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सीएम ने इस ऐलान के साथ ही कहा कि इससे राज्य सरकार पर लगभग 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा, लेकिन यह बोझ नहीं बल्कि एक सुखद अनुभूति है. सीएम आगे कहते हैं, " जिस तरह से हमारे शिक्षक दिन रात मेहनत कर रहे हैं, उन्हें इसका पूरा हक है. सरकार हमेशा शिक्षकों के लिए बेहतर फैसले लेगी. "

सीएम इसी भाषण में कहते हैं कि मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षक, देश के किसी भी बोर्ड, फिर वो सीबीएसई हो या आईसीएससी, उनके शिक्षकों से कम नहीं हैं. 

जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव

उन्होंने ये भी बताया कि हमारे सरकारी स्कूलों के छात्र अब राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और इसका पूरा श्रेय शिक्षकों को जाता है. सीएम ने ये भी कहा कि चौथे क्रमोन्नति वेतनमान को लेकर जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा, ताकि इसे औपचारिक रूप से लागू किया जा सके.

चौथा समयमान वेतनमान क्या है?

चौथा समयमान वेतनामान एक प्रकार का वेतनमान है जो कर्मचारियों को उनकी सेवा के एक निश्चित समय के बाद दिया जाता है. यह वेतनमान उनके वर्तमान सैलरी से ज्यादा होता है. इससे कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होती है और उनका जीवन स्तर बेहतर होता है. सीएम के ताजा ऐलान से प्रदेश के लगभग 2 लाख शिक्षकों को लाभ मिलेगा. 

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