'पापा मुझे यहां से ले जाओ, ससुराल वाले कार और सोने की चेन मांगते हैं. तीन दिन से खाना नहीं खाया...यह लोग मुझे मार डालेंगे.' ये आखिरी शब्द है उस लड़की के जिसने दुनिया छोड़ने से महज 20 मिनट पहले अपने पिता को फोन कर दर्द बयां किया था. दरअसल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसने परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. शादी के महज एक साल में युवती की ससुराल में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए है. इस दुर्घटना के बाद युवती के परिजन इसे दहेज के कारण हत्या का मामला बता रहे है तो वहीं ससुराल पक्ष के लोग आत्महत्या बता रहे है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. विस्तार से जानिए इस दर्दनाक मामले की पूरी कहानी.
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2025 में हुई थी शादी, दिए गए थे कई गिफ्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, पिंटो पार्क में रहने वाले मोहन सिंह रजक की बेटी पलक की शादी 14 अप्रैल 2025 को सुरैयापुरा निवासी अमित रजक से हुई थी. अमित रजक एयरफोर्स में आउटसोर्स कर्मचारी है. पलक के परिवार वालों का कहना है कि शादी काफी धूम-धाम से की गई थी और सोना-चांदी, बाइक और अन्य सामान भी दिया गया था. पलक को खाने तक नहीं दिया जाता था और घर में सबसे अलग-थलग रखा जाता था.
दहेज के लिए तंग करने के आरोप
पलक के परिजनों का कहना है कि, शादी में इतना सब देने के बावजूद भी वो लोग पलक पर दबाव बना रहे थे और शादी के बाद से पलक को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. उनके मुताबिक सास, देवर और पति लगातार पलक पर कार और सोने की चेन की डिमांड कर रहे थे. यहां तक कि शादी के समय दी गई एफडीआर भी तुड़वाकर पैसे ले लिए गए.
12 मई की रात को वो आखिरी कॉल
ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर पलक ने 12 मई की रात को अपने मोहन सिंह को फोन किया. फोन उठाते ही पलक ने कहा कि, 'पापा, ससुराल में मुझसे कोई बात नहीं करता है. मैंने तीन दिन से खाना भी नहीं खाया. बार-बार कार और सोने की चैन मांगते हैं. लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं, मुझे ले जाओ.' बेटी का दर्द सुनकर मोहन सिंह ने कहा कि, ठीक है...तेरे भाई को भेजता हूं. लेकिन पलक इस कदर डरी हुई थी कि उसने रोते हुए फिर कहा कि, 'मुझे जल्दी आकर ले जाओ, नहीं तो ये लोग मुझे मार डालेंगे.'
20 मिनट बाद आया दामाद का फोन
इधर मोहन सिंह पलक के भाई को भेजने की तैयारी ही कर रहे थे कि इसी बीच उनके दामाद अमित का फोन आया. अमित ने फोन कर बताया कि, पलक ने फांसी लगा ली है. मोहन सिंह को जैसे ही यह जानकारी मिली तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई. परिवार आनन-फानन में पलक के ससुराल पहुंचा, लेकिन तब तक पलक की मौत हो चुकी थी.
परिजनों ने बताया शरीर पर थे चोट के निशान
इधर परिजनों का कहना है कि पलक के गले, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान दिखे, जो कि साफ तौर पर मारपीट की ओर इशारा करते हैं. पलक की स्थिति देख परिजनों का गुस्सा फूटा और उन्होंने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि, डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएं और उसकी पूरी वीडियोग्राफी हो. साथ ही फॉरेंसिक टीम से मामले की पूरी जांच कराई जाए. इसके अलावा पति, सास और देवर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी किया जाए.
ससुराल पक्ष ने बताई अलग ही कहानी
एक ओर जहां पलक के परिजन हत्या की बात कर रहे तो दूसरी तरफ ससुराल पक्ष के लोग अलग ही कहानी बता रहे है. पलक के ससुर बाबूलाल ने पुलिस को बताया कि जब वह बाजार के लौटे तो छोटे बेटे सूरज ने बताया कि पलक ने कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर ली है. बाहर से कई बार आवाज लगाने पर जब कमरा नहीं खुला तो दरवाजा तोड़ा गया और पलक पंखे से लटकी मिली. फिर जल्दबाजी में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल पलक के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है. मामले को लेकर सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि नवविवाहिता की मौत के मामले में मायके पक्ष द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और परिजनों के बयान के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि पलक की मौत हत्या थी या आत्महत्या. उन्होंने जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाने की बात भी कही है.
इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी पलक
पलक इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी और उसके 10 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स है. साथ ही पलक के इंस्टाग्राम पर कई ऐसे पोस्ट भी देखे गए है जिससे यह कहा जा रहा है कि वह काफी दुख में थी. उसके कई पोस्ट में डिप्रेशन, एंजाइटी जैसे शब्द देखे जा सकते हैं.
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