ग्वालियर TMZ के लिए मुंबई में मिले 1550 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव: देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा मध्यप्रदेश

न्यूज तक डेस्क

• 04:26 PM • 05 Aug 2026

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) के लिए मुंबई इन्वेस्टर मीट में ₹1550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एमपी की नई निवेश नीतियों व प्रोत्साहनों की घोषणा की.

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तस्वीर: मुख्यमंत्री मोहन यादव के सोशल मीडिया X से.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की साझा पहल से ग्वालियर में देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) आकार ले रहा है. 4 अगस्त को मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्वालियर TMZ के लिए दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों की ओर से ₹1,550 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.

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इस बैठक को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, सुशासन और मजबूत अधोसंरचना का लाभ उठाने का आह्वान किया.

"मध्यप्रदेश आइए, औद्योगिक विकास के सहभागी बनिए"- CM मोहन

मुंबई में आयोजित निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार की पारदर्शी और आकर्षक उद्योग नीतियों के चलते मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश आ रहा है. 

मुख्यमंत्री द्वारा रेखांकित मुख्य बिंदु 

सस्ती बिजली और कुशल श्रम: मध्यप्रदेश में देश और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध है. इसके अलावा औद्योगिक विकास के लिए राज्य में पर्याप्त संख्या में कुशल श्रमिक मौजूद हैं.

वेतन सहायता योजना: राज्य सरकार रोजगार-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 5 से 10 वर्षों तक श्रमिकों के वेतन में वित्तीय सहयोग प्रदान कर रही है.

दिल्ली रोड-शो की सफलता: 'मेक इन एमपी' और 'फेथ इन एमपी' के अंतर्गत नई दिल्ली में आयोजित पहली राउंड टेबल मीटिंग में ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनसे 12,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

रणनीतिक भौगोलिक स्थिति: मध्यप्रदेश भारत का दिल है. इसकी कानून-व्यवस्था उत्कृष्ट है और राज्य में श्रम विवाद जैसी कोई समस्या नहीं है.

अगला ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS 2027): भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की ऐतिहासिक सफलता के बाद अगले साल जीआईएस-2027 का आयोजन किया जाएगा.

अन्य सफल क्लस्टर

नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा स्थित इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमि-पूजन के दिन ही 1,000 एकड़ क्षेत्र के भूखंड आवंटित हो गए. धार जिले में बन रहा पीएम मित्र पार्क (टेक्सटाइल सेक्टर) देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है, जहां भी भूमि-पूजन के साथ ही सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं.

जल विवादों का समाधान: राजस्थान के साथ 40 साल पुराने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जल बंटवारे के विवाद को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजना पर काम शुरू किया गया है.

"टेलीकॉम सेक्टर विकसित भारत का सेंट्रल नर्वस सिस्टम"- सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत 2G पर निर्भरता से निकलकर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है. वर्तमान में भारत में 5G के 50 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं.

टेलीकॉम क्रांति एवं ग्वालियर TMZ की प्रमुख विशेषताएं

मोबाइल निर्माण में उछाल: पहले भारत में केवल 5 करोड़ फोन बनते थे और 85% फोन आयात करने पड़ते थे. आज भारत प्रतिवर्ष 33 करोड़ फोन बना रहा है. वैश्विक कंपनी 'एप्पल' (Apple) के लगभग 20% फोन अब भारत में निर्मित हो रहे हैं.

डिजिटल ट्रांजेक्शन: भारत में यूपीआई (UPI) के जरिए 20 बिलियन डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं और 9 देशों को यह तकनीक दी जा चुकी है.

प्लग एंड प्ले सुविधाएं: ग्वालियर TMZ के प्रथम चरण के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है. दूसरे चरण के लिए 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर विचार किया जा रहा है.

इंसेंटिव्स: निवेशकों को ₹2 प्रति यूनिट बिजली छूट, बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए ₹5,000 प्रति श्रमिक मासिक वेतन सहायता तथा कौशल उन्नयन हेतु ₹13,000 प्रति कर्मचारी सब्सिडी दी जाएगी. 

नई दिल्ली आयोजन के बाद से अब तक 17 कंपनियां निवेश के लिए पहल कर चुकी हैं. 

"देश का पहला समर्पित टेलीकॉम ज़ोन"- केंद्रीय दूरसंचार सचिव

केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने बताया कि ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन है. यह ज़ोन विश्वस्तरीय टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम प्रदान करेगा, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत का स्थान मजबूत होगा और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को गति मिलेगी. 

मुख्यमंत्री कार्यालय तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि रीजनेबल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के माध्यम से राज्य को ₹30 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 30% निवेश धरातल पर उतर चुका है.

ग्वालियर TMZ की मुख्य विशेषताएं एवं सब्सिडी ढांच

स्थान का लाभ: दिल्ली-एनसीआर से मात्र 300 किमी की दूरी पर स्थित.

लैब सुविधाएं: TMZ परिसर में 6 स्पेशल टेस्टिंग लैब्स उपलब्ध होंगी.

विशाल सब्सिडी: यदि कोई निवेशक ₹12,000 करोड़ का निवेश करता है, तो मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत ₹8,000 करोड़ तक सब्सिडी के रूप में लौटाएगी. 

रोजगार सृजन: केवल इस जोन से 10,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

कौन सी कंपनी-कितना करेगी निवेश

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स  700 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा। अनंत सिस्टम्स      400 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड 200 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 1200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वीएनटी 150 करोड़ का निवेश करेगी। जबकि, टेसकॉम 100 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निवेशकों को दी जाने वाली रियायतें

1. औद्योगिक प्रोत्साहन नीतियां:

पूंजी अनुदान (Capital Grant): पात्र निवेश पर अधिकतम 50% तक पूंजी अनुदान (अधिकतम सीमा ₹200 करोड़).

R&D सहायता: स्वतंत्र अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 25% या अधिकतम ₹25 करोड़. इन-हाउस R&D व्यय को भी स्थायी पूंजी निवेश माना जाएगा. 

प्रशिक्षण सहायता: नए कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए ₹13,000 प्रति कर्मचारी (अधिकतम 4,000 कर्मचारियों तक). 

रोजगार प्रोत्साहन: प्रत्येक कर्मचारी के लिए ₹5,000 प्रतिमाह तक प्रोत्साहन.

निर्यात मालभाड़ा सहायता (Export Freight Support): समुद्री व हवाई माल परिवहन पर व्यय का 50% प्रतिपूर्ति (प्रतिवर्ष अधिकतम ₹40 लाख तथा प्रति इकाई अधिकतम ₹2 करोड़, 5 वर्षों के लिए).

हरित विनिर्माण प्रोत्साहन (Green Manufacturing): अपशिष्ट प्रबंधन व्यय की 50% प्रतिपूर्ति. इसमें ईटीपी (ETP) स्थापना के लिए अधिकतम ₹5 करोड़ तथा जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम के लिए अधिकतम ₹5 करोड़ की सहायता. 

2. परियोजना की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए विशेष रियायतें

भूमि प्रीमियम: मात्र ₹1 की नाममात्र दर.

वार्षिक लीज़ किराया: ₹1 प्रति वर्गमीटर (30 वर्षों तक स्थिर).

स्टाम्प शुल्क: 100% प्रतिपूर्ति.

विकास शुल्क: भुगतान की सुविधा 30 वर्षों की अवधि में.

विद्युत सहायता: शुरुआती 5 वर्षों तक विद्युत शुल्क में ₹2 प्रति यूनिट की छूट.

जल शुल्क: ₹25 प्रति किलोलीटर की रियायती दर.