सीएम शिवराज के गृह जिले में FDR तकनीक से बनी प्रदेश की पहली सड़क पहली बारिश में ही उखड़ी

Sehore News:  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में श्यामपुर से सीहोर तक एफडीआर तकनीक से बनी प्रदेश की पहली सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई, और पुलिया भी धंस गई, 32 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क का निर्माण एक महीने पहले ही पूरा हुआ था. जिसको […]

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नवेद जाफरी

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Sehore News:  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में श्यामपुर से सीहोर तक एफडीआर तकनीक से बनी प्रदेश की पहली सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गई, और पुलिया भी धंस गई, 32 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क का निर्माण एक महीने पहले ही पूरा हुआ था. जिसको लेकर सरकार की तरफ से सड़क की मजबूती को लेकर अलग दावे किये गए थे. जिन दावों की पोल पहली बारिश में ही खुलती नजर आई है.  मामला सीएम के गृह जिले से जुड़ा हुआ है, तो आनन फानन में सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है.

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 जानकारी के मुताबिक मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले में FDR तकनीक से प्रदेश की पहली सड़क का निर्माण हुआ था. श्यामपुर से लेकर सीहोर तक 24.30 किलो मीटर की सड़क का काम पिछले महीने ही पूरा हुआ था. सड़क बने अभी महीना ही पूरा हुआ था कि मानसून की पहली बारिश में ही सड़क और उसमें हुये भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है. 

मानसून के आने से पहले की बारिश में मंडी थाना मार्ग पर सड़क की एक पुलिया धंस गई, और सड़क क्षतिग्रस्त हो गई. कई जगह दरारें भी सड़क में पढ़ गई हैं.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुए वायरल
एफडीआर तकनीक से बनी प्रदेश की पहली सड़क पहली बारिश का पानी भी नही झेल सकी है..सड़क में दरारें और पुलिया की जमीन बैठ गई है. क्षतिग्रस्त हुई सड़क के फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे है. और सवाल उठा रहे हैं कि जिस सड़क की चर्चाएं पूरे प्रदेश में हो रही थी. वो महज एक ही महीनें में खराब हो गई जिसको लेकर दावा किया जा रहा था, कि ये आम सड़क से कई गुना ज्यादा मजबूत होती है. लेकिन इन सभी दावों की हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई.

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सड़क के मजबूती के दावों की खुली पोल
बताया गया है की जब सड़क का निर्माण किया जा रहा था. तब कहा जा रहा था की यह प्रदेश की पहली सड़क है, जो एफडीआर तकनीक से बन रही है. इसी तकनीक से यूपी और आंध्र प्रदेश में सड़कों का निर्माण किया जाता है. इसमें समान्य सड़कों की लागत से आधी कीमत लगती है. और इसकी मजबूती भी दोगुनी होती है. लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी है.

रिपेयरिंग में लगी निर्माण कंपनी
क्षतिग्रस्त सड़क को रिपेयरिंग करा रहे सड़क निर्माण कंपनी के असिस्टेंट इंजीनियर प्रशांत गुप्ता ने मीडिया को बताया कि सड़क ज्यादा खराब नही हुई है. हमने पेंचवर्क कंपनी को पहले बोल दिया था वो सुधरवा भी रहे थे. बारिश से सड़क खराब नही हुई है, सुधार किया जा रहा है.

ज्यादा सड़क खराब नहीं हुई- कलेक्टर
मामले को लेकर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने एमपी तक  को फोन पर बताया कि सड़क छतिग्रस्त की सूचना मिली है, सड़क को ठीक कराने के निर्देश दिए है, कंपनी उसे रिपेयर कर रही है,ज्यादा खराब नही हुई है. जो भी पेंचवर्क होगा जल्द ही किय जाएगा.

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