लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम करने वाले इंदौर से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और शहर की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. शहर के नेहरू नगर और भंवरकुआं ब्रिज के समीप सड़क किनारे कचरे के विशाल ढेर लगे हुए हैं. सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण लंबे समय से कचरा नहीं उठा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना दुश्वार हो गया है.
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अचानक कचरे के ढेर देख हैरान हुए स्थानीय निवासी
सफाई और अनुशासन के मामले में हमेशा अव्वल रहने वाले इंदौर में इस तरह सड़कों पर कचरा दिखना लोगों के लिए अप्रत्याशित है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने शहर में इससे पहले कभी इतनी गंदगी और अव्यवस्था नहीं देखी. नेहरू नगर और भंवरकुआं जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर जमा कचरे से उठती भीषण बदबू के कारण लोगों का वहां से पैदल निकलना भी मुहाल हो गया है. स्वच्छता में नंबर-1 रहने वाले शहर में अचानक इस तरह का मंजर देखना लोगों को काफी अजीब लग रहा है.
सुनवाई न होने पर हड़ताल पर गए कर्मचारी
शहर में पसरी इस गंदगी के पीछे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का बढ़ता असंतोष है. नगर निगम कर्मचारियों के अनुसार, सफाईकर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से प्रशासन और अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे. हालांकि, लगातार अनदेखी और मांगें पूरी न होने से नाराज होकर आखिरकार कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी.
नगर निगम प्रशासन के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने इंदौर नगर निगम के दावों की हवा निकाल दी है. एक तरफ जहां कर्मचारियों के काम न करने से पूरी सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर पसरा यह कचरा 'क्लीन सिटी' इंदौर की साख पर गहरा दाग लगा रहा है. अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए हड़ताली कर्मचारियों के साथ क्या रुख अपनाता है और शहर को इस गंदगी से कब तक निजात मिलती है.
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