Indore Mhow Viral Video: मध्य प्रदेश का इंदौर जहां एक इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजर रही है. वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो गया. इंदौर के महू क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां से गुजर रही नर्मदा-क्षिप्रा लिंक प्रोजेक्ट की एक मुख्य पाइपलाइन अचानक तेज धमाके के साथ फट गई. पाइपलाइन फटने से पानी इतनी गति से बाहर निकला कि वह करीब 150 फीट की ऊंचाई तक उठने लगा, जिसे देखकर आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई.
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हाईटेंशन लाइन तक पहुंचा पानी
यह घटना इंदौर-खंडवा रोड पर स्थित भैरू घाट के पास की है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार सुबह अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पानी का एक विशाल फव्वारा आसमान की तरफ उठने लगा. पानी का प्रेशर इतना ज्यादा था कि वह पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन की ऊंचाई को भी छूता हुआ दिखाई दिया.
कुछ ही मिनटों में लाखों लीटर पानी मुख्य सड़क और आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल गया. इसके चलते इंदौर-खंडवा मार्ग पर लंबा जाम लग गया. तेज रफ्तार से बहता हुआ पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे उनके घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचा है. अचानक आई इस विपदा को देखकर लोग अपने घरों से जान बचाकर बाहर भागे.
चौकीदार का आशियाना बहा
इस हादसे की चपेट में घटना स्थल के ठीक पास स्थित वन विभाग की रोपणी (नर्सरी) भी आ गई. यहां तैनात एक चौकीदार का कच्चा मकान बना हुआ था. पानी का बहाव और दबाव इतना भीषण था कि वह कच्चा मकान अपने पूरे घरेलू सामान के साथ ताश के पत्तों की तरह पानी में बह गया.
स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इस पाइपलाइन में पिछले कई दिनों से लीकेज की समस्या थी. इसकी लिखित और मौखिक शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार की गई थी, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई. लोगों का साफ कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया होता, तो आज इतना बड़ा नुकसान और पानी की यह बर्बादी रोकी जा सकती थी.
प्रशासन की सफाई
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया. हालांकि, प्रशासन ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि जिस भैरू घाट क्षेत्र में नर्मदा की लाइन फूटी है, वह असल में सिंचाई (इरीगेशन) और कृषि कार्यों के लिए जल आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन है.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इंदौर शहर की घरेलू पेयजल आपूर्ति से जुड़ी नर्मदा लाइन पूरी तरह सुरक्षित है और सुचारू रूप से काम कर रही है. इस हादसे की वजह से शहर के वार्डों में होने वाले पीने के पानी के वितरण पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा. फिलहाल स्थानीय नागरिक इस पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच और प्रभावित परिवारों के नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
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