मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में 14 अप्रैल को छात्रा के साथ हुई हैवानियत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इंदौर ग्रामीण पुलिस और एसआईटी (SIT) ने 72 घंटे के सघन सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक, ड्रोन कैमरों और स्केच का सहारा लिया था.
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बेरछा के जंगलों में हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने दोस्त के साथ बेरछा स्थित लगचा बाबा मंदिर दर्शन के लिए आई थी. दर्शन के बाद जब दोनों जंगल के पास बैठे थे, तभी दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे. आरोपियों ने पहले छात्रा के दोस्त के साथ मारपीट की और फिर छात्रा को जबरन जंगल के अंदर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे.
72 घंटे का मेगा ऑपरेशन 'ड्रोन'
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंदौर आईजी और एसपी ग्रामीण के निर्देशन में तुरंत एसआईटी का गठन किया गया. पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती थी क्योंकि आरोपी अज्ञात थे.
ड्रोन से निगरानी: पुलिस ने पूरे जंगल को ड्रोन कैमरों के जरिए खंगाला.
स्केच और इनाम: पीड़िता द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपियों के स्केच जारी किए गए और उन पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया.
सर्च ऑपरेशन: करीब 5 गांवों के 10,000 लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई और मुखबिरों की सूचना पर आरोपियों को बेरछा क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया गया.
पेशेवर शिकारियों की तरह बनाते थे निशाना
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ है वह बेहद डराने वाला है. आरोपी पेशेवर अपराधियों की तरह पिकनिक स्पॉट्स पर कपल्स की रेकी करते थे और सुनसान इलाकों में उन्हें निशाना बनाते थे. आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया होगा, जिसकी जांच अब पुलिस कर रही है. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.
इंसाफ की उम्मीद
इंदौर ग्रामीण एसपी ने बताया कि स्केच और साइबर टीम की सक्रियता से आरोपियों तक पहुँचने में सफलता मिली है. पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनकी पुरानी क्राइम हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि यदि अन्य कोई पीड़ित हो तो उन्हें भी न्याय मिल सके.
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