मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. यहां जनता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस पर ही चोरी और लूट के गंभीर आरोप लगे हैं. ग्वालियर में वारंट तामिल करने गई इंदौर पुलिस की एक टीम पर कारोबारी के सूने घर से सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने का आरोप लगा है. इस सनसनीखेज मामले में संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने एक उपनिरीक्षक (SI) सहित पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, इंदौर के लसूडिया थाने से पुलिस की एक टीम ग्वालियर में एक वारंट तामिल करने गई थी. आरोप है कि पुलिसकर्मी जिस घर में पहुंचे, वह उस वक्त सुनसान था. घर खाली देखकर पुलिसकर्मियों की नीयत डोल गई और उन्होंने वहां रखे जेवरात पर हाथ साफ कर दिया. इतना ही नहीं, इन पुलिसकर्मियों पर यह भी आरोप है कि ट्रांसफर होने के बावजूद इन्होंने थाने से रवानगी नहीं ली थी और नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से काम कर रहे थे.
कारोबारी ने लगाए सनसनीखेज आरोप
इंदौर के कारोबारी गौरव जैन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कारोबारी का दावा है कि:
- पुलिसकर्मी उनके घर में चोरों की तरह घुसे.
- घर में लगे सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद कर दिए गए.
- मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर ताले खोले गए.
- गौरव जैन का आरोप है कि यह पूरी घटना एक रिटायर्ड एसीपी के प्रभाव में जमीन विवाद को लेकर दबाव बनाने के लिए की गई थी.
विभाग में हड़कंप, जांच के आदेश
इस मामले के सामने आने के बाद इंदौर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. डीसीपी ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही पाते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. मामले की विस्तृत जांच एसीपी विजयनगर को सौंपी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक शिकायतकर्ता महिला के आवेदन पर यह कार्रवाई की गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
इंदौर में पिछले कुछ समय में अपराध की घटनाओं में तेजी आई है. हाल ही में एक बच्चे के सामने उसके पिता की हत्या जैसी वारदातों ने शहर को दहला दिया है. ऐसे में जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और पुलिस पर चोरी जैसे संगीन आरोप लगें, तो आम जनता का कानून व्यवस्था से भरोसा उठना लाजमी है.
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