इंदौर: घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे कांग्रेस कार्यकर्ता, पुलिस लेकर भाग गई, सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- अब कानून व्यवस्था ठीक हो गई

इंदौर में दूषित पानी से मौतों के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी का घंटा छीनकर भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है. इस घटना को लेकर जहां लोग मजेदार कमेंट कर रहे हैं, वहीं मौतों के आंकड़ों और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत भी तेज हो गई है.

इंदौर
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धर्मेंद्र कुमार शर्मा

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मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से इन दिनों एक अजीब लेकिन दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों से ‘घंटा’ छीनकर भागता दिखाई दे रहा है. इस घटना ने लोगों को हैरान भी किया और हंसाया भी.

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दूषित पानी से मौतों के खिलाफ हो रहा था प्रदर्शन

पूरा मामला भागीरथपुरा इलाके का है, जहां दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत होने का आरोप है. युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जता रहे थे. वे ‘घंटा’ बजाकर अधिकारियों को जगाने का संदेश दे रहे थे कि लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं.

इसी दौरान एक पुलिसकर्मी अचानक सामने आया, कार्यकर्ताओं के हाथ से घंटा छीना और तेजी से वहां से निकल गया. वीडियो में आगे दिखता है कि वह घंटा थाने में जमा कर मुस्कुराते हुए बाहर आता है.

सोशल मीडिया पर उड़ रही पुलिस की चुटकी

वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. कोई लिख रहा है कि “घंटा जब्त होते ही कानून व्यवस्था सुधर गई”, तो कोई तंज कस रहा है कि “शायद घंटा बजने से लॉ एंड ऑर्डर खतरे में पड़ गया था.” कुल मिलाकर लोग इस पूरे वाकये को लेकर खूब मजे ले रहे हैं.

मौतों के आंकड़ों पर भी घमासान

भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों को लेकर भी सियासत गरमा गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक करीब 16 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या 4 से 5 बताई जा रही है. कांग्रेस कार्यकर्ता इसी मुद्दे और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ वाले बयान के विरोध में सड़कों पर उतरे थे.

पुलिस ने की हिरासत में कार्रवाई

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 8 से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक बाधित न हो और शहर में शांति बनी रहे, इसलिए यह कदम उठाया गया. वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.

इस पूरे घटनाक्रम ने इंदौर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है और ‘घंटा’ अब एक नए सियासी प्रतीक के तौर पर चर्चा में आ गया है.

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