इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है. करीब 11 महीने बाद मिली इस राहत के बाद दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया है. एक तरफ आरोपी पक्ष खुद को अलग बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है.
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'परेशान किया तो जान दे दूंगा' - आरोपी का भाई
सोनम को जमानत मिलने के बाद उसके भाई गोविंद रघुवंशी ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी. गोविंद ने स्पष्ट किया कि उनका अब सोनम से कोई रिश्ता नहीं है. उन्होंने कहा, "हमने न कोई वकील किया और न ही जमानत की अर्जी लगाई. जो भी हुआ, कोर्ट की प्रक्रिया से हुआ है."
गोविंद ने भावुक होते हुए आरोप लगाया कि इस केस की वजह से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उन पर दबाव बनाना बंद नहीं हुआ, तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकते हैं.
न्याय की उम्मीद टूटी, हाईकोर्ट जाएगा पीड़ित परिवार
राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने इस फैसले पर हैरानी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई और जानकारी साझा न करने की वजह से आरोपी को कोर्ट से राहत मिली है. विपिन ने साफ कहा कि वे इस जमानत को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
राजा की मां उमा रघुवंशी का दर्द भी फूट पड़ा. उन्होंने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले में 'पैसे के खेल' की बू आ रही है. उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच दोबारा कराई जाए और केस सीबीआई (CBI) को सौंपा जाए. राजा के पिता और भाई सचिन ने भी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि इतनी जल्दी जमानत मिलना समाज में गलत संदेश भेजता है.
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