नर्मदापुरम जिले के इटारसी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गोवा एक्सप्रेस के पहुंचते ही भारी पुलिस बल ने ट्रेन को घेर लिया. ट्रेन में सवार 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 15 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया. ये सभी कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे.
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स्टेशन पर जमकर नारेबाजी और बहस
महाराष्ट्र से आ रही गोवा एक्सप्रेस जैसे ही इटारसी जंक्शन पर आकर रुकी, वहां पहले से मुस्तैद भोपाल और आसपास के थानों की महिला व पुरुष पुलिस टीमों ने जनरल डिब्बे को चारों तरफ से घेर लिया. डिब्बे के भीतर घुसकर पुलिस ने एक-एक कर कार्यकर्ताओं को बाहर निकाला.
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और बहस देखने को मिली. हिरासत में लिए जाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्टेशन परिसर में ही प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई.
लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन, CJP
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस उन्हें डरा-धमका रही है और उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे देश में बढ़ते भ्रष्टाचार, अपराध और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाने दिल्ली जा रहे थे. उन्होंने कहा कि छात्र होने के नाते देश के हालात पर सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. कार्रवाई के बाद पुलिस कार्यकर्ताओं को किस अज्ञात स्थान पर ले गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. पुलिस प्रशासन भी इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे हुए है.
संस्थापकों ने साधा निशाना
इस कार्रवाई पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या देश में औपचारिक इमरजेंसी घोषित करने से पहले यह कोई 'नेट प्रैक्टिस' चल रही है?
दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है. नियमों के अनुसार किसी भी प्रदर्शन की अनुमति के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य होता है, जबकि CJP की ओर से काफी देर से अर्जी दी गई थी. इसके अलावा, नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर बीएनएस (BNS) की धारा 163 लागू है. पुलिस का साफ कहना है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचने की कोशिश में लगे हैं, जिन्हें रास्ते में ही अलग-अलग जगहों पर रोका जा रहा है.
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