'मैंने पापा का हाथ पकड़ा लेकिन नानी छूट गई', जबलपुर क्रूज हादसा में जिंदा बची मासूम बच्ची ने सुनाई दर्दभरी दास्तां

जबलपुर के बरगी डैम में खराब मौसम के चलते पर्यटकों से भरा एक क्रूज नर्मदा नदी में पलट गया. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 को बचा लिया गया है. रेस्क्यू की गई एक बच्ची ने अपनी दर्दनाक दास्तां सुनाई.

Jabalpur
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न्यूज तक डेस्क

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मध्य प्रदेश के फेमस टूरिस्ट प्लेस बरगी डैम में गुरुवार को एक क्रूज के डूबने से 9 लोगों की मौत हो गई. हादसे के समय क्रूज में 30 लोग सवार थे. सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं. राहत की बात यह है कि स्थानीय लोगों और प्रशासन की मुस्तैदी से 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. 

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मौसम बिगड़ने से हादसा!

जानकारी के अनुसार, क्रूज जब नदी के गहरे हिस्से में पहुंचा तो मौसम अचानक खराब हो गया. तेज हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं. देखते ही देखते क्रूज का संतुलन बिगड़ा और वह कुछ ही पलों में पलट गया.

हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही गोताखोर और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है.

'मां-भाई का पता नहीं, नानी चली गईं'

इस हादसे के बीच बचाई गई एक छोटी बच्ची का वीडियो सामने आया है, जो बेहद भावुक कर देने वाला है. रेस्क्यू वैन में बैठी मासूम ने कांपते हुए बताया, "अचानक क्रूज पलट गया और हर तरफ पानी भर गया. हम सब अलग-अलग हो गए. मैंने अंधेरे में जैसे-तैसे पापा का हाथ पकड़ लिया. मेरे नाना तो मिल गए, लेकिन नानी की मौत हो गई. मेरी मां और भाई का अभी कुछ पता नहीं चल रहा है."

लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

शुरुआती जांच में सामने आया है कि मौसम बिगड़ने के बावजूद क्रूज को सुरक्षित किनारे पर लाने में देरी की गई. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क्रूज पहले डगमगा रहा था, फिर भी चालक ने लापरवाही बरती.

प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे और क्या वहां लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे. फिलहाल पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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