NEET UG Result: जबलपुर में पिता स्कूल के सामने लगाते हैं बैग की दुकान, बेटे ने कर लिया NEET किल्यर

धीरज शाह

• 02:49 PM • 19 Jul 2026

जबलपुर के शासकीय मॉडल स्कूल के छात्र ओम चौकसे ने फुटपाथ पर पिता की दुकान में हाथ बंटाते हुए नीट (NEET) परीक्षा सफलतापूर्वक क्लियर कर ली है.

जेईई मेंस और सीयूईटी पास करने के बाद भी नहीं बदला लक्ष्य, जबलपुर के ओम ने ऐसे क्लियर की नीट!
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कहा जाता है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने का पक्का इरादा और आंखों में बड़े सपने हों, तो तंगहाली और मजबूरियां कभी भी आपके कदम नहीं रोक सकतीं. इस बात को मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले एक बेहद साधारण परिवार के लड़के ने सच साबित कर दिखाया है. ओम चौकसे (Om Choksey) नाम के इस होनहार छात्र ने नीट (NEET UG) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि दो साल पहले किया अपना एक बड़ा वादा भी पूरा कर दिखाया है.

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10वीं में ही देख लिया था 'कार्डियोलॉजिस्ट' बनने का सपना

ओम चौकसे की यह कहानी आज हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं. दो साल पहले जब ओम ने 10वीं कक्षा पास की थी, तब वे पूरे मध्य प्रदेश की स्टेट मेरिट लिस्ट में 7वें स्थान पर आए थे. उस समय 'एमपी तक' (MP Tak) ने उनकी इस बड़ी कामयाबी को प्रमुखता से दिखाया था. तब कैमरे के सामने 10वीं के इस छात्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा था, "मुझे 11वीं में बायोलॉजी (Bio) लेना है और आगे चलकर दिल का डॉक्टर यानी कार्डियोलॉजिस्ट बनना है, ताकि मैं लोगों की मदद कर सकूं." आज दो साल बाद ओम ने नीट परीक्षा क्लियर कर अपने उस वादे की पहली सीढ़ी को सफलतापूर्वक पार कर लिया है.

फुटपाथ पर पिता की दुकान और ओम का संघर्ष

ओम चौकसे जबलपुर के प्रसिद्ध मॉडल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (Model High Secondary School) के छात्र हैं. उनकी यह सफलता इसलिए भी सबसे अलग और खास है क्योंकि उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य है. इसी स्कूल के ठीक सामने मुख्य सड़क के किनारे उनके पिता फुटपाथ पर बैग, छाते और बरसाती बेचने की एक छोटी सी दुकान (ठेला) लगाते हैं.

ओम ने अपनी पढ़ाई के दौरान कभी भी अपनी पारिवारिक स्थिति को आड़े नहीं आने दिया. वे हर दिन सुबह पिता की दुकान लगवाने आते थे और रात को दुकान बंद करवाने में भी मदद करते थे. जब नीट की पहली परीक्षा के बाद दोबारा परीक्षा (Re-NEET) की खबर आई, तब भी ओम ने हिम्मत नहीं हारी. बीमारी और मानसिक तनाव के बावजूद उन्होंने दुकान पर पिता का हाथ बंटाते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी और 21 जून को हुई परीक्षा में सफलता का परचम लहरा दिया.

जेईई मेंस और सीयूईटी भी किया क्लियर

ओम की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सिर्फ नीट ही नहीं, बल्कि जेईई मेंस (JEE Mains) की परीक्षा भी क्लियर कर ली थी. इसके साथ ही उन्होंने सीयूईटी (CUET) परीक्षा भी पास की, जिसके जरिए उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिला मिल रहा था. लेकिन ओम का लक्ष्य बचपन से तय था कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ एमबीबीएस (MBBS) करना है. पहली परीक्षा में उनके 625 नंबर बन रहे थे जिससे उन्हें एम्स (AIIMS) मिलने की उम्मीद थी, लेकिन दोबारा परीक्षा होने के बाद भी उन्होंने 31,000 ओबीसी रैंक लाकर अपना चयन पक्का कर लिया.

बेटा कहता था- पापा बस 5 साल और मेहनत कर लो...'

बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता पर पिता की आंखें खुशी से छलक उठीं. उन्होंने बताया कि ओम का स्वभाव बेहद सीधा और शर्मिला है. वह फालतू समय बर्बाद करने के बजाय सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है. पिता ने भावुक होकर कहा, "बेटा दुकान पर मेरी बहुत मदद करता है. वह मुझसे हमेशा कहता है कि पापा, आप बस दो-पांच साल और मेहनत कर लो, उसके बाद मैं आपको कोई काम नहीं करने दूंगा, आप आराम से घर बैठना. वह हमारा संघर्ष समझता है."

स्कूल के प्रिंसिपल ने भी ओम की तारीफ करते हुए कहा कि वह स्कूल का सबसे होनहार छात्र रहा है, जिसने 10वीं में 7वीं रैंक और 12वीं में 10वीं रैंक हासिल कर स्कूल का नाम बढ़ाया था. शिक्षकों ने हमेशा ओम के डाउट्स क्लियर करने में उसकी मदद की.

नीट की तैयारी कर रहे छात्रों को ओम की खास सलाह

अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए ओम चौकसे ने बताया कि नीट क्रैक करने का सबसे बड़ा जरिया सिर्फ और सिर्फ एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें हैं. ओम ने कहा, "नीट का पूरा पेपर, विशेषकर बायोलॉजी, लाइन-बाय-लाइन एनसीईआरटी से ही आता है. पिछले 6 सालों का ट्रेंड देखें तो पिछले सालों के सवाल (PYQs) बार-बार रिपीट होते हैं. इसलिए छात्रों को एनसीईआरटी के हर चैप्टर को बहुत गहराई से पढ़ना चाहिए और केमिस्ट्री के लिए बैक एक्सरसाइज के सवालों को अच्छे से हल करना चाहिए." आगे का लक्ष्य बताते हुए ओम ने कहा कि अब उनका ध्यान एमबीबीएस पूरा करने के बाद नीट पीजी (NEET PG) की परीक्षा में टॉप रैंक लाने पर है.