ग्वालियर और चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर पुलिस के बूटों की आहट गूंज रही है. बीते एक साल से पुलिस को चकमा दे रहे 30 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले कल्ली गुर्जर गिरोह के खिलाफ ग्वालियर पुलिस ने आर-पार की जंग छेड़ दी है.
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चंबल और ग्वालियर के जंगलों में पुलिस का महासर्च ऑपरेशन
डकैत कल्ली गुर्जर को दबोचने के लिए पुलिस की कई संयुक्त टीमें लगातार जंगलों की खाक छान रही हैं. इस महासर्च ऑपरेशन में घाटीगांव, पनिहार, मोहना, तिघरा, आरौन और गिरवाई थानों की पुलिस टीमें शामिल हैं. पुलिस का यह अभियान मुख्य रूप से घाटीगांव से मुरैना जाने वाले मार्ग और बिजौली क्षेत्र स्थित डकैत के संभावित ठिकानों पर केंद्रित है. पुलिस का दावा है कि घेराबंदी इतनी सख्त है कि डकैत के मुख्य ठिकाने तक पहुंचने का रास्ता साफ हो चुका है.
4 दिनों के भीतर बड़ी सफलता, गिरोह के दो साथी गिरफ्तार
पुलिस के इस ताबड़तोड़ सर्च ऑपरेशन का असर अब धरातल पर दिखने लगा है. पिछले चार दिनों के भीतर पुलिस ने घेराबंदी करके कल्ली गुर्जर गिरोह के दूसरे बड़े सदस्य अजय गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है, जो मुरैना का रहने वाला है. इससे पहले, करीब आठ दिन पूर्व पुलिस ने गिरोह के एक अन्य सदस्य अजय उर्फ दुर्लभ गोस्वामी को कैंट रोड रेलवे ब्रिज के पास से दबोचा था. इस मामले में नामजद चार आरोपियों में से दो को पुलिस ने जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है.
हाईवे पर रंगदारी ना मिलने पर की थी ताबड़तोड़ फायरिंग
पकड़े गए बदमाशों से हुई पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. लगभग 15 दिन पहले (26 तारीख को) भोपाल के एक कंटेनर चालक से कल्ली गुर्जर और उसके साथियों ने रंगदारी मांगी थी. जब चालक ने पैसे देने से इनकार कर दिया और पुलिस को सूचना नहीं दी, तो बदमाशों ने हाईवे पर ही कंटेनर पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं और गोली मारकर ट्रक के टायर बस्ट कर दिए. वारदात के बाद कल्ली गुर्जर अपने साथी अजय को मौके पर ही छोड़कर बीहड़ के रास्ते फरार हो गया था.
कौन है डकैत कल्ली गुर्जर और क्या है उसका आपराधिक इतिहास?
डकैत कल्ली गुर्जर मूल रूप से मुरैना जिले के तिलोदा गांव का निवासी है. उसके परिवार का पृष्ठभूमि आपराधिक रही है, जहां उसके पिता नत्थी गुर्जर ने अपने सभी पांच बेटों को अपराध की दुनिया में धकेल दिया था. कल्ली अपने भाइयों में सबसे बड़ा है. उसके दो भाई फिलहाल जेल में बंद हैं, दो भाई फरार चल रहे हैं, जबकि एक भाई की पूर्व में गैंगवार में मौत हो चुकी है.
कल्ली गुर्जर का नाम साल 2025 में तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया था, जब उसने तिघरा इलाके में अपने भाई की पूर्व प्रेमिका (जो कि एक गर्भवती महिला थी) का घर में घुसकर अपहरण कर लिया था. इसके अलावा वह पुलिस टीम पर सीधा निशाना साधने और अंतरप्रांतीय अपराधों में शामिल रहा है. उस पर मध्य प्रदेश के मुरैना के अलावा राजस्थान के धौलपुर जिले में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
ठिकाने बदलकर पुलिस को दे रहा चकमा
कल्ली गुर्जर गिरोह मुरैना, पहाड़गढ़, श्योपुर, घाटीगांव, शिवपुरी से लेकर राजस्थान के धौलपुर के घने जंगलों में लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता है. बीहड़ की कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण उसे ट्रैक करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था. हालांकि, दो प्रमुख साथियों के पकड़े जाने के बाद कल्ली गुर्जर अब अकेला पड़ता दिख रहा है और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वह जल्द ही कानून की गिरफ्त में होगा.
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