कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत ने वन्यजीव सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.घायल अवस्था में मिले इस चीते के शरीर से एक-दो नहीं, बल्कि पांच गोलीनुमा छर्रे बरामद हुए हैं.कड़े इलाज और सर्जरी के बावजूद 27 अक्टूबर को चीते ने दम तोड़ दिया.इस घटना को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया है, जो मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल करेगी.
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श्योपुर वन प्रभाग में घायल मिला था चीता
यह पूरी घटना 25 अक्टूबर की रात सामने आई, जब श्योपुर वन प्रभाग के कंपार्टमेंट नंबर 748 में चीता KNG22 बेहद गंभीर और घायल हालत में मिला.मॉनिटरिंग टीम की सूचना पर उसी रात रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.घायल चीते को पहले कूनो नेशनल पार्क लाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र में शिफ्ट किया गया.
X-Ray और CT स्कैन में हुआ बड़ा खुलासा
जबलपुर में शुरुआती एक्स-रे के दौरान चीते के शरीर में बाहरी धातु की वस्तुएं फंसे होने की पुष्टि हुई.इसके बाद डॉक्टरों ने चीते का सीटी स्कैन कराया, जिसमें सामने आया कि छर्रों के कारण उसकी मांसपेशियों, हड्डियों और नर्वस सिस्टम को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा है.चिकित्सकों की टीम ने सर्जरी करके उसके शरीर से पांचों छर्रे बाहर निकाल लिए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच टीम के सामने चुनौती
सुरक्षित और संरक्षित वन क्षेत्र में चीते को गोली कैसे लगी और चौबीसों घंटे निगरानी के बावजूद यह घटना कैसे हुई, इसे लेकर अब राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक हड़कंप है.मामले की जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर टीमें काम कर रही हैं.हालांकि, वन विभाग की ओर से अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है.ऐसे में गोली लगने की सटीक परिस्थितियों का पता लगाना जांच टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी.
चर्चित मादा चीता 'निर्वा' का शावक था KNG22
मृत चीता KNG22, मादा चीता 'निर्वा' का शावक था.निर्वा को साल 2023 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया था और भारत में चीता आबादी बढ़ाने के अभियान में उसकी अहम भूमिका रही है.निर्वा पहले भी कई बार लापता होने को लेकर सुर्खियों में रह चुकी है; जुलाई 2023 में वह लगभग 22 दिनों तक गायब रही थी, वहीं अगस्त 2026 में दोबारा लापता होने के बाद उसे 2 सितंबर को शिवपुरी से बरामद किया गया था.
भारत में चीता प्रोजेक्ट और वर्तमान स्थिति
भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था.इसके बाद दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देशों से भी चीते भारत लाए गए.
- KNG22 की मौत के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या 58 रह गई है:
- कूनो नेशनल पार्क: 52
- गांधी सागर अभयारण्य: 4
- वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: 2
अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि चीते को गोली किसने और कैसे मारी, और भविष्य में संरक्षित वन क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जाएंगे.
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