MP Election 2023: कैलाश विजयवर्गीय जिस बात का दुख जाहिर कर रहे थे और जिस बात को वे सीधे तौर पर नहीं बोल पा रहे थे, उस बात को और उस दर्द को लेकर इंदौर 3 विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ता गुरुवार को भोपाल पहुंच गए और यहां बीजेपी दफ्तर में वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने विधायक आकाश विजयवर्गीय को टिकट देने की मांग कर दी. कार्यकर्ताओं ने आकाश विजयवर्गीय को लेकर खूब तारीफ की और उनको उभरता हुआ युवा नेता बताया और समय की मांग बताकर उनको इस विधानसभा चुनाव में भी टिकट देने की मांग कर डाली.
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दिलचस्प बात यह है कि इंदौर से कई बसों में भरकर ये भाजपा कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे और सीधे बीजेपी कार्यालय पहुंचे. इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को अचानक यूं देखकर भाजपा पदाधिकारी भी हैरान थे. इसके बाद कार्यालय के मीटिंग हॉल में सभी एकत्रित हुए और इंदौर से आए भाजपा कार्यकर्ताओं की बात सुनी गई.
इसमें बीजेपी कार्यकर्ता पदाधिकारियों को बताते हैं कि आकाश विजयवर्गीय जैसा विधायक मिलना मुश्किल है. इन्होंने दलित समाज, ओबीसी समाज के उत्थान के लिए बहुत काम किया है. कई युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाई है. नशामुक्ति के लिए बड़ा अभियान चलाया और क्षेत्र के लोगों के लिए हर वक्त उपलब्ध रहे हैं.
कैलाश विजयवर्गीय चाहते थे कि आकाश को मिले टिकट
बीजेपी से जुड़े सूत्र और इंदौर के राजनीतिक विश्नलेषक बताते हैं कि कैलाश विजयवर्गीय चाहते थे कि उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय को एक बार फिर से टिकट दिया जाए. वे लंबे समय से आकाश के लिए पार्टी के अंदर लॉबिंग कर रहे थे. कैलाश विजयवर्गीय ने जिस तरह से बीते दिनों इंदौर 1 सीट से टिकट मिलने पर अपना दुख जताया, उसके पीछे वजह थी, बेटे आकाश का राजनीति कैरियर का खतरे में आना. जाहिर है कि पार्टी ने यदि पिता को टिकट दे दिया है तो फिर बेटे को टिकट देकर बीजेपी वंशवाद को लेकर बनाई गई अपनी ही लक्ष्मण रेखा का उल्लंघन नहीं करना चाहेगी.
कैलाश विजयवर्गीय स्वयं ही कह चुके हैं कि उनको चुनाव नहीं लड़ना था और उनकी इच्छा के विरुद्ध उनको टिकट दिया गया है. ऐसे में अब कैलाश विजयवर्गीय सीधे तौर पर खुद जो बात नहीं कह सकते हैं, उसके लिए अब आकाश विजयवर्गीय के समर्थक कार्यकर्ता सक्रिय हुए हैं.
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