मामूली कर्मचारी निकला अकूत संपत्ति का मालिक, महल जैसा घर और जेसीबी-ट्रैक्टर देख उड़े होश

मध्य प्रदेश के धार जिले में लोकायुक्त पुलिस ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर छापा मारा है. शुरुआती जांच में आय से 271% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसमें आलीशान मकान, व्यावसायिक भवन और भारी मशीनरी शामिल हैं.

Dhar Lokayukta Raid
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धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के अलग-अलग ठिकानों पर बुधवार सुबह लोकायुक्त की टीमों ने एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. प्रारंभिक जांच में ही अधिकारी के पास उनकी वैध आय से 271 फीसदी अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जिसे देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई.

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महलनुमा घर और व्यावसायिक भवन 

लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमों ने ग्राम सोड़पुर, नालछा और मांडव में एक साथ दबिश दी. सोड़पुर और नालछा में 0.1520 हेक्टेयर जमीन पर लगभग 2400 वर्गफीट में एक दो मंजिला आलीशान मकान बनाया गया है, जिसे बनवाने में करीब 97 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है. इसके अलावा, मांडव रोड पर 1350 वर्गफीट का एक व्यावसायिक भवन भी मिला है, जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है.

20 साल की नौकरी और 2 करोड़ से ज्यादा का खर्च 

लोकायुक्त के शुरुआती आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. करीब 20 साल की नौकरी के दौरान शेरसिंह ठाकुर को वेतन के रूप में कुल लगभग 65 लाख रुपए मिले, लेकिन इस अवधि के दौरान उन्होंने करीब 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए खर्च कर डाले.

गाड़ियों और भारी उपकरणों का जखीरा 

सिर्फ आलीशान मकान ही नहीं, बल्कि प्रबंधक के पास भारी-भरकम कृषि उपकरणों और गाड़ियों का जखीरा भी मिला है. जांच टीम को मौके से:

  • जेसीबी (JCB) मशीन
  • महिंद्रा ट्रैक्टर
  • महिंद्रा टीयूवी (TUV) कार
  • ऑल्टो कार
  • बुलेट मोटरसाइकिल बरामद हुई है.

इन सभी वाहनों और उपकरणों को खरीदने में करीब 53 लाख रुपए खर्च किए गए हैं.

आगे की कार्रवाई जारी 

लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया की टीमें जांच में जुटी हैं. आरोपी प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल तीनों ठिकानों पर सर्चिंग जारी है. अधिकारियों का कहना है कि जमीनों के दस्तावेजों, बैंक लॉकरों और संभावित बेनामी संपत्तियों की जांच आगे बढ़ने के साथ ही काली कमाई का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है. इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.