ट्रॉली पर चढ़े, किसानों से किसानों वाले अंदाज मिले, सीएम मोहन यादव की ये तस्वीर हो रही वायरल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अप्रैल को शाजापुर और खरगोन के उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से चर्चा और गेहूं की तौल करते उनका अनोखा अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने अधिकारियों को किसानों की सुविधा और तेज खरीदी के लिए अहम निर्देश भी दिए.

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सीएम मोहन यादव ने किसानों से किया संवाद.

न्यूज तक डेस्क

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 30 अप्रैल को अनोखा अंदाज दिखाई दिया. उन्होंने आज शाजापुर-खरगोन के उपार्जन केंद्रों का दौरा किया. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए. वे शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस पहुंचे. उन्होंने यहां बाकायदा ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने गेहूं का वजन भी तुलवाकर देखा. उनके इस अंदाज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. 

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शाजापुर से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे. इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए. बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है. अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं. इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है. सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है. 

उचित व्यवस्था के दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री ने खरगोन में कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पूरे 6 तौल कांटे लगाए जाएं. गेहूं खरीदी के आज से नए मापदंड जारी हुए है वह लागू हो जाएं. किसानों के लिए उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त छाया और  शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर अन्नदाता को सम्मान और सुविधा के साथ उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए. किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, स्लॉट बुकिंग हेतु कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कंप्यूटर ऑपरेटर, आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर हमेशा उपलब्ध रहें. उन्होंने कहा कि सभी केंद्र के सभी 6 तौल कांटों पर निरंतर तुलाई कार्य चलता रहे. उन्होंने केंद्र पर कृषकों की सुविधा के लिए पेयजल, टेंट, बैठक, इत्यादि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए.

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