इंदौर में BJP नेता को महिला पुलिस अधिकारी ने जड़ा थप्पड़, फिर मचा जबरदस्त बवाल, जानें पूरा मामला

इंदौर के महू नाका चौराहे पर महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी द्वारा बीजेपी नेता को थप्पड़ मारने के आरोप के बाद भारी हंगामा और चक्का जाम हुआ. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला सूबेदार और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है.

इंदौर न्यूज
इंदौर न्यूज

धर्मेंद्र कुमार शर्मा

follow google news

मध्य प्रदेश के इंदौर में महू नाका चौराहे पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी पर बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता को थप्पड़ मारने का आरोप लगा. इस घटना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और चक्का जाम कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

घटना इंदौर के महू नाका चौराहे की है. बीजेपी विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र शेंडगे अपनी गाड़ी से जा रहे थे. आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात महिला सूबेदार लक्ष्मी धारवे ने उन्हें रोका और उन पर मोबाइल पर बात करने का आरोप लगाते हुए थप्पड़ जड़ दिया. 

वीरेंद्र शेंडगे का कहना है, "मैं सिग्नल पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी मैडम ने सामने आकर गाड़ी रोकने की कोशिश की और मुझे झापड़ मार दिया. जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने कहा कि आप फोन पर बात कर रहे थे. मैंने अपना मोबाइल उन्हें चेक करने के लिए दिया, लेकिन उनके सहयोगियों को कोई कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला." 

बीजेपी कार्यकर्ताओं का हंगामा

घटना की खबर मिलते ही विधानसभा क्रमांक-4 की विधायक मालिनी गौड़ के समर्थक और बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और चौराहे पर धरना दे दिया. हंगामे के कारण काफी देर तक ट्रैफिक जाम रहा और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

मामले को बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. सीसीटीवी फुटेज की जांच और प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं:

  • सस्पेंशन: ट्रैफिक सूबेदार लक्ष्मी धारवे और कांस्टेबल शेखर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
  • अटैचमेंट: ट्रैफिक टीआई राधा यादव को लाइन हाजिर करते हुए डीसीपी कार्यालय अटैच कर दिया गया है. 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विभागीय जांच डीसीपी ट्रैफिक द्वारा की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. 


 

    follow google news