MP Weather Update: अगर आप मध्यप्रदेश में रहते हैं और 28 जुलाई 2026 की सुबह कोई प्लान बनाने जा रहे हैं,तो रुकिए. बाहर निकलने से पहले अपने रेनकोट और छतरी का इंतजाम पक्का कर लीजिए. आसमान में उमड़ते-घुमड़ते काले बादल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि 28 जुलाई को प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोना बचे जहां पानी की बूंदें न पड़ें.
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मौसम विभाग (IMD) की मानें तो बंगाल की खाड़ी से उठी नमी और राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र ने मिलकर एक ऐसा मानसूनी सिस्टम तैयार किया है, जो 28 जुलाई को पूरे मध्यप्रदेश को तरबतर करने वाला है. कहीं रिमझिम बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर चलने वाला है. 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं मौसम को ठंडा तो करेंगी, लेकिन सावधान रहना भी उतना ही जरूरी है.
पूर्वी एमपी
पूर्वी मध्यप्रदेश के इलाकों में इस बार मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान (और थोड़ा खतरनाक) दिख रहा है. मौसम केंद्र ने यहां के लिए चेतावनी जारी की है कि बादलों की गड़गड़ाहट के साथ जोरदार बारिश हो सकती है.
- जबलपुर, मंडला और डिंडौरी: यहां 28 जुलाई की शुरुआत ही काले बादलों के साथ होगी. दोपहर होते-होते झमाझम बारिश शुरू हो सकती है. जो लोग निचले इलाकों में रहते हैं, उन्हें थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि सड़कों पर पानी भरने के पूरे आसार हैं.
- रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली: विंध्य के इस पूरे बेल्ट में मानसून का सिस्टम काफी मजबूत है. यहाँ रुक-रुक कर तेज बारिश होगी और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा.
- सागर, दमोह और पन्ना: बुंदेलखंड के इस हिस्से में दिनभर बादल छाए रहेंगे. बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ती रहेंगी, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी उमस से तो राहत मिल जाएगी, लेकिन रास्ते चिपचिपे हो सकते हैं.
मध्य और मालवा-निमाड़
अगर आप भोपाल या इंदौर संभाग में हैं, तो 28 जुलाई को मौसम एकदम सुहाना रहेगा, लेकिन यह सुहाना मौसम अपने साथ तेज बारिश की बौछारें भी लेकर आएगा.
भोपाल और सीहोर: राजधानी भोपाल में 28 जुलाई को दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रहेगी. दोपहर बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का एक से दो दौर आ सकता है. दिन का पारा करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जिससे मौसम में ठंडक बनी रहेगी.
इंदौर, उज्जैन और धार: मालवा अंचल में मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जाएगी. हालांकि, शाम के वक्त कुछ जगहों पर अचानक तेज बारिश का स्पेल आ सकता है, इसलिए दफ्तर से घर लौटते समय थोड़ी सावधानी बरतें.
नर्मदापुरम और बैतूल: पहाड़ियों से घिरे इस इलाके में बादल जमकर बरसेंगे. बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है.
ग्वालियर-चंबल और उत्तरी एमपी
उत्तरी मध्यप्रदेश के जिलों पर राजस्थान के मानसूनी सिस्टम का सीधा असर देखने को मिलने वाला है.
गुना, शिवपुरी और अशोकनगर: यहां से मानसूनी ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसका सीधा मतलब है कि गुना और शिवपुरी के आसपास मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है.
ग्वालियर, भिंड और मुरैना: ग्वालियर और चंबल संभाग में हवाएं काफी तेज चलेंगी. बादलों की लुका-छिपी के बीच रहकर-रहकर बारिश की बौछारें पड़ेंगी, जो लोगों को गर्मी से बड़ी राहत देंगी.
मौसम विभाग के कुछ जरूरी सुझाव
मौसम जब ऐसा हो, तो थोड़ी सी समझदारी आपको किसी भी परेशानी से बचा सकती है:
बिजली कड़कने पर क्या करें: जब आसमान में जोर से बिजली कड़के, तो किसी भी बड़े पेड़ या लोहे के खंभे के नीचे खड़े न हों. अगर आप सफर में हैं तो कार या बस के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित है.
जलभराव से बचें: अगर रास्ते में किसी पुल या रपटे के ऊपर से पानी बह रहा हो, तो उसे पार करने की उतावली बिल्कुल न दिखाएं.
खेती-किसानी की बात: खेतों में अगर पानी जमा हो रहा हो तो निकासी की व्यवस्था तुरंत करें. तेज बारिश की संभावना को देखते हुए कीटनाशकों का छिड़काव दो-तीन दिनों के लिए टाल देना ही बेहतर होगा. 28 जुलाई का दिन मध्यप्रदेश के लिए पूरी तरह से मानसून के नाम रहने वाला है. मौसम का लुत्फ उठाएं, गरम-गरम पकौड़े खाएं, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखना न भूलें.
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