MP Rain Alert: 3 अगस्त को रीवा-सतना और विंध्य अंचल में फुहारें या उमस? जानिए क्या कहता है IMD!

न्यूज तक डेस्क

• 04:58 PM • 02 Sep 2026

MP Weather Update: 3 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में बिना किसी भारी चेतावनी के मौसम सुहावना रहा. जहां भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम रिमझिम फुहारें दर्ज की गईं.

MP Weather
MP Weather
Google CTA

मानसून का महीना हो और बादलों की आवाजाही न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता! अगस्त का महीना शुरू होते ही हर किसी के मन में बस एक ही सवाल तैरता है- "आज हमारे यहां बारिश होगी या सिर्फ बदरी छाई रहेगी?" अगर आप भी 3 अगस्त 2026 के मौसम को लेकर योजना बना रहे हैं, तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा अपडेट आपके काम का है.

Read more!

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 3 अगस्त को मध्य प्रदेश में कोई बहुत भारी तबाही मचाने वाली बारिश या गंभीर 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति नहीं रही, लेकिन प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और रिमझिम फुहारों की बौछारें दर्ज की गईं. असल में मौसम का बड़ा सिस्टम थोड़ा सुस्त पड़ा हुआ था, जिसके चलते मानसून ने तेज आफत की जगह हल्की फुहारों की राहत देना बेहतर समझा.

आइए, आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि प्रदेश के अलग-अलग कोनों और जिलों में 3 अगस्त को मौसम का क्या मिज़ाज रहा!

भोपाल और आसपास का इलाका (राजधानी क्षेत्र)

शामिल जिले: भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़.

राजधानी भोपाल और उसके आसपास के इलाकों में 3 अगस्त को दिन भर बादलों का डेरा जमा रहा. बीच-बीच में ठंडी हवाएं चलती रहीं और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश (30-35 मिमी के आसपास) हुई. सीहोर और रायसेन में कुछ जगहों पर अच्छी झमाझम देखने को मिली, जिससे मौसम काफी सुहावना और खुशनुमा हो गया. तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से खासी राहत मिली.

मालवा और निमाड़ अंचल (इंदौर-उज्जैन संभाग)

मालवा-निमाड़ की बेल्ट में मौसम काफी मेहरबान नजर आया. इंदौर और उज्जैन में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की-फुल्की फुहारें पड़ती रहीं. इंदौर, धार और खंडवा-खरगोन के कुछ इलाकों में दिन के समय रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हुई. जो किसान भाई फसलों के लिए पानी का इंतजार कर रहे थे, उनके चेहरे पर इस हल्की बारिश ने मुस्कान ला दी. वहीं उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को भी सुहावने मौसम का भरपूर आनंद मिला.

महाकौशल और नर्मदापुरम अंचल

शामिल जिले: जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), बैतूल, हरदा.

महाकौशल के इलाकों में मौसम मिला-जुला रहा. जबलपुर और आसपास के जिलों में हल्की धूप के साथ-साथ बादलों की आवाजाही बनी रही. नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा के पहाड़ी व जंगलों वाले इलाकों में बिजली कड़कने के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हुई. नर्मदा नदी के घाटों पर पानी का बहाव सामान्य रहा और कुल मिलाकर दिन आरामदायक बीता.

ग्वालियर-चंबल अंचल (उत्तरी मध्य प्रदेश)

शामिल जिले: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी.

उत्तर मध्य प्रदेश यानी ग्वालियर-चंबल इलाके में थोड़ी उमस का असर ज्यादा देखा गया. ग्वालियर और मुरैना में सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ छोटी-मोटी बौछारें पड़ीं, लेकिन किसी बड़े जलभराव या मूसलाधार बारिश की खबर नहीं रही. हल्की बौछारों के बाद बीच-बीच में निकली धूप ने हल्की उमस जरूर बढ़ाई.

विंध्य और बुंदेलखंड अंचल

शामिल जिले: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़.
पूर्वी मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों में भी मौसम का मिज़ाज नरम ही रहा. सागर, दमोह और रीवा-सतना में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. बादलों की आवाजाही लगातार बनी रही, जिससे तीखी धूप से लोगों का बचाव हुआ.

IMD का क्या कहना है?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 3 अगस्त को कोई भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rainfall Warning) नहीं था. राज्य में औसत बारिश में थोड़ी कमी (करीब 13% से 15% की कमी) दर्ज की जा रही थी, इसलिए बड़ी मूसलाधार बारिश कराने वाले सिस्टम थोड़े कमजोर पड़े हुए थे. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मानसून का एक छोटा सा 'ब्रेक' या सुस्त फेज था, जिसके बाद 4-5 अगस्त से नए सिस्टम के सक्रिय होते ही दोबारा तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई थी.

ये भी पढ़ें: 'पूरी जिंदगी चरणों में काटी, अब अकेला कैसे छोड़ दूं?', बाढ़ में डूबते मंदिर से पुजारी का जवाब सुन अधिकारी रह गए दंग