मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. सीएम यादव ने कहा कि देश में भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के लिए बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है.
ADVERTISEMENT
'हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना'
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि भारत की संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया चुनाव आयोग के माध्यम से पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित होती है. लेकिन कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है और अपनी सांगठनिक नाकामियों को छिपाने के लिए चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है. एक साधारण परिवार से निकलकर पीएम मोदी ने इस पद की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. राहुल गांधी के ये राजनीतिक हथकंडे अब देश की जनता के बीच चलने वाले नहीं हैं."
डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री ,मध्य प्रदेश
राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार चुकी है और कई राज्यों में उसका सूपड़ा साफ हो चुका है. इसके बावजूद राहुल गांधी अपनी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय कार्यकर्ताओं का झूठा मनोबल बढ़ाने और हारे हुए नेताओं को इकट्ठा करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह रवैया न केवल लोकतंत्र बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक है.
कांग्रेस को दी 'गंभीर आत्ममंथन' की सलाह
सीएम यादव ने कांग्रेस को इतिहास और हकीकत का आईना दिखाते हुए कहा कि पार्टी को दूसरों पर दोष मढ़ने से पहले अपनी स्थिति का मूल्यांकन करना चाहिए. तमिलनाडु कांग्रेस पिछले 50 सालों से सत्ता से बाहर है.पश्चिम बंगाल पार्टी बीते 30-40 सालों से अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है.यूपी और बिहार देश के इन बड़े राज्यों में कांग्रेस दशकों से हाशिए पर है.उन्होंने सवाल उठाया कि जब इसी चुनाव आयोग की देखरेख में हिमाचल प्रदेश या केरल जैसे राज्यों में चुनाव नतीजे आते हैं और कांग्रेस की सरकारें बनती हैं, तब आयोग पर सवाल क्यों नहीं उठते?
'संस्थाओं का अनादर बंद करे कांग्रेस'
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वे देश की सर्वोच्च अदालत और चुनाव आयोग जैसी गरिमामयी संस्थाओं को नीचा दिखाना बंद करें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय खुद को मजबूत करने के लिए ईमानदारी से आत्ममंथन करना चाहिए.
ADVERTISEMENT


