महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल हुई मोनालिसा की शादी अब निजी मामला नहीं रही. केरल के एक मंदिर में फरमान से विवाह के बाद यह मामला धार्मिक और सामाजिक विवाद में बदल गया है. अब अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने इस शादी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. स्वामी अनिलानंद का आरोप है कि मोनालिसा ने सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि दोनों ने परिवार के खिलाफ जाकर शादी की है और यह पूरे समाज पर काली पोत जैसा काम है.
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'विदेशी फंडिंग से चल रही साजिश का दावा'
स्वामी अनिलानंद का आरोप है कि महाकुंभ के दौरान मोनालिसा की वायरल तस्वीरों और वीडियो के पीछे योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया. स्वामी अनिल आनंद ने सवाल किया कि एक माला बेचने वाली गरीब लड़की यूट्यूबरों को इतना पैसा कहां से देगी और इतना फाइनेंस कहां से करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं और इसके पीछे विदेशी ताकतों की फंडिंग है. संत समाज का दावा है कि यह शादी अवैध है क्योंकि फरमान ने हिंदू धर्म ग्रहण नहीं किया.
मोनालिसा के परिवार ने भी लगाए थे आरोप
बताया जा रहा है कि 11 मार्च को अचानक हुई शादी की खबर से सभी हैरान रह गए थे. मोनालिसा का परिवार इसे लव जिहाद का मामला बताकर आरोप लगा चुका है. इन सबके बीच मोनालिसा ने एक वीडियो शेयर कर मुख्यमंत्री और कमिश्नर से इस मामले में दखल देने की अपील की है.
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