मुरैना: थाने में वर्दी का रौब दिखा रहे थे दरोगा, महिला वकील ने सिखा दिया कानून का पाठ; जानें क्या है पूरा विवाद

MP Viral Video: मुरैना के कैलारस थाने में दरोगा और महिला वकील के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बुजुर्ग को हिरासत में लेने के कारण पूछने पहुंचीं वकील अल्पना सिकरवार ने एसआई मनोज यादव पर अवैध हिरासत और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया. जानिए मुरैना थाने के इस पूरे विवाद की कहानी और रेप केस से जुड़ा पूरा मामला.

Morena police station controversy
Morena police station controversy

हेमंत शर्मा

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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस थाने से एक हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक सब-इंस्पेक्टर (SI) वर्दी के रौब में एक बुजुर्ग को हिरासत में लेने का कारण पूछने आई महिला वकील को धमकाते नजर आ रहे हैं. हालांकि, महिला वकील ने पीछे हटने के बजाय दरोगा जी को कानूनी प्रक्रिया और मानवाधिकारों का ऐसा पाठ पढ़ाया कि अंततः पुलिस को झुकना पड़ा. आइए जानते हैं मामले की पूरी कहानी.

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क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब कैलारस थाने में तैनात एसआई मनोज यादव ने रेप के एक आरोपी के 73 वर्षीय दादा, गोपाल सिंह धाकड़ को उनके घर से उठा लिया और पिछले 5 घंटों से थाने में बैठाए रखा. जब इसकी जानकारी ग्वालियर हाई कोर्ट की वकील अल्पना सिकरवार को मिली, तो वह बुजुर्ग की गिरफ्तारी का आधार पूछने थाने पहुंचीं.

दरोगा की बदतमीजी और वकील का पलटवार

वीडियो में देखा जा सकता है कि एसआई मनोज यादव वकील अल्पना सिकरवार के सवालों से भड़क जाते हैं. वह चिल्लाकर कहते हैं, 'आप हमसे पूछने वाली कौन होती हैं?' इस पर वकील अल्पना जवाब देती हैं, 'मैं कोर्ट की ऑफिसर हूं और एक नागरिक होने के नाते मेरा अधिकार है कि मैं किसी बुजुर्ग की अवैध गिरफ्तारी का कारण जानूं.'

दरोगा ने दबाव बनाने के लिए थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से महिला पुलिस बुलाने को कहा, ताकि वकील को वहां से हटाया जा सके. लेकिन अल्पना सिकरवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आप महिला पुलिस बुला लीजिए, लेकिन पहले मुझे गिरफ्तारी का वारंट या कोई लीगल डॉक्यूमेंट दिखाइए. आप एक 73 साल के बुजुर्ग को बिना किसी एफआईआर या वारंट के कैसे बैठा सकते हैं?'

गंभीर आरोप: 50 हजार की मांग और धमकी

वकील अल्पना सिकरवार ने पुलिस पर और भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि बुजुर्ग गोपाल सिंह धाकड़ को छोड़ने के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांगी गई थी. इतना ही नहीं, वकील का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के न मिलने पर परिवार की महिलाओं को भी उठाने की धमकी दी है.

क्या है रेप केस का एंगल?

यह पूरा मामला तोड़ी गांव के अरुण धाकड़ पर लगे रेप के आरोप से जुड़ा है. हालांकि, अरुण के परिजनों का दावा है कि अरुण और संबंधित लड़की ने 7 अक्टूबर 2025 को आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी. परिजनों का आरोप है कि लड़की के पिता उसे बहला-फुसलाकर ले गए और बाद में अरुण पर रेप का केस दर्ज करा दिया. पुलिस इसी मामले में दबाव बनाने के लिए आरोपी के बुजुर्ग दादा को उठा लाई थी.

यहां देखें वीडियो

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