MP: शिकार के बाद आराम फरमा रहे थे 5 चीते..पानी पिलाने पहुंच गया युवक, फिर क्या हुआ

NewsTak

• 02:15 PM • 05 Apr 2025

MP News: कूनो नेशनल पार्क से हाल ही में एक मादा चीता 'ज्वाला' अपने चार बच्चों के साथ जंगल की सीमा पार कर रहवासी इलाके तक पहुंच गई. इतना ही नहीं यहां पर ज्वाला और उसके शावक शिकार कर रहे हैं.

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MP News: कूनो नेशनल पार्क से हाल ही में एक मादा चीता 'ज्वाला' अपने चार बच्चों के साथ जंगल की सीमा पार कर रहवासी इलाके तक पहुंच गई. इतना ही नहीं यहां पर ज्वाला और उसके शावक शिकार कर रहे हैं, शिकार के बाद वह रहवासी इलाके में आराम फरमाते भी नजर आ रहे हैं. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. 

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एक वीडियो में पांचों चीते शिकार के बाद एक पेड़ की छांव में आराम करते दिख रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि उसी वक्त एक स्थानीय युवक उनके सामने पहुंच गया और उनके लिए पानी रख गया, जिसे चीतों ने शांति से पिया.

खुले जंगल में डेरा, वन विभाग की चिंता बढ़ी

जानकारी के मुताबिक, श्योपुर जिले के उमरीकलां गांव में शुक्रवार शाम यह घटना है. मादा चीता ज्वाला अपने चार बच्चों के साथ यहां पहुंची और एक किसान की बकरियों को निशाना बनाया. इसके बाद पांचों चीते वहीं बैठकर आराम करने लगे.

ग्रामीणों ने बताया कि चीते करीब एक घंटे तक खेत में रुके और उसके बाद जंगल की ओर लौट गए. इस दौरान गांव के कुछ युवकों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो अब वायरल हो चुका है.

युवक ने दिखाया हौंसला, चीतों के लिए लाया पानी

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक धीरे-धीरे चीतों के पास पहुंचता है और एक बर्तन में पानी रख देता है. हैरानी की बात यह रही कि चीते न तो डरते हैं और न ही आक्रामक होते हैं. कुछ देर बाद वे बारी-बारी से बर्तन से पानी पीते हैं.

यह दृश्य सोशल मीडिया यूजर्स के लिए कौतूहल का विषय बन गया है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा व्यवहार खतरनाक हो सकता है और इंसानों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखनी चाहिए.

वन विभाग सतर्क, ट्रैकिंग टीम मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही कूनो नेशनल पार्क की ट्रैकिंग टीम तुरंत गांव पहुंची. टीम ने खेतों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूरी जानकारी ली. वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को चीतों के इलाके से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके.

वन अधिकारियों के अनुसार, ज्वाला कुछ दिनों से अगरा क्षेत्र में देखी जा रही है और उसने खुले जंगल को ही अस्थायी ठिकाना बना लिया है. इससे वन विभाग की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि इंसानों और चीतों के बीच का यह आमना-सामना कभी भी संघर्ष का रूप ले सकता है.